प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को जीएसटी दरों में कटौती के मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने के लिए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधा। पीएम ने कहा कि टूथपेस्ट से लेकर ट्रैक्टर तक की कीमतों में लोगों के लिए टैक्स का भार कम हुआ है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान “कर लूट” होती थी और लोगों पर भारी करों का बोझ डाला जाता था। उत्तर प्रदेश अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो (यूपीआईटीएस) का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि महज तीन दिन पहले (22 सितंबर) अगली पीढ़ी के वस्तु व सेवा कर (जीएसटी) सुधार लागू किए गए।
कांग्रेस देश के लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही
उन्होंने कहा, “इसके बावजूद, कुछ राजनीतिक दल देश लोगों को गुमराह करने करने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल, जो 2014 से पहले सरकार चला रहे थे, अपनी सरकार की विफलताओं को छिपाने के लिए जनता से झूठ बोल रहे हैं।” पीएम ने कहा, “सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकारों के दौरान टैक्स के ज़रिए जमकर लूट होती थी और लूटे गए पैसे को और भी लूटा जाता था। देश का आम नागरिक टैक्स के बोझ से परेशान था।”
सरकार ने महंगाई पर अंकुश लगाकर आय और बचत में किया इजाफा
2014 में प्रधानमंत्री का पदभार संभालने वाले मोदी ने दावा किय उनकी सरकार ने करों में उल्लेखनीय कमी की है, मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाया है और लोगों की आय और बचत दोनों में वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करने और नए जीएसटी सुधारों को लागू करने से नागरिकों को अकेले इस वर्ष 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। मोदी ने कहा कि देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है।
जीएसटी के हितधारकों ने इसके तीन अलग-अलग चरण देखे
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि जीएसटी के हितधारकों ने इसके तीन अलग-अलग चरण देखे हैं। एक जीएसटी से पहले का, दूसरा जीएसटी के बाद का, और अब अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार का। इस दौरान जीएसटी के ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। पीएम मोदी ने मोदी ने कहा कि 2014 से पहले, करों की अधिकता के कारण व्यवसायिक लागत और घरेलू बजट दोनों का प्रबंधन करना मुश्किल हो गया था। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले 1,000 रुपये की कीमत वाली शर्ट पर लगभग 170 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद यह घटकर 50 रुपये पर आ गया। 22 सितंबर से संशोधित दरें लागू होने के बाद अब उसी 1,000 रुपये की शर्ट पर लोगों को केवल 35 रुपये का टैक्स चुकाना पड़ेगा।
पीएम ने समझाया जीएसटी के पहले, बाद में और सुधारों के बाद का फर्क
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में टूथपेस्ट, शैम्पू, हेयर ऑयल और शेविंग क्रीम जैसी आवश्यक वस्तुओं पर 100 रुपये खर्च करने पर 31 रुपये कर लगता था, इससे बिल बढ़कर 131 रुपये हो जाता था। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद 100 रुपये मूल्य की वस्तु की कीमत 118 रुपये हो गई, इससे साफ तौर 13 रुपये की बचत हुई। पीएम ने बताया कि जीएसटी में हालिया सुधारों के बाद यह लागत और भी कम होकर महज 105 रुपये हो गई है। इससे 2014 से पहले की दरों की तुलना में लोगों को कुल 26 रुपये की बचत हुई है।
₹1 लाख खर्च करने वाले परिवार को अब होगी 20 से 25 हजार की बचत
मोदी ने आगे कहा कि 2014 में यदि कोई परिवार अपनी आवश्यकताओं पर प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये खर्च करता था तो उसे 20,000-25,000 रुपये कर के रूप में देने पड़ते थे। उन्होंने कहा कि आज नई जीएसटी व्यवस्था के तहत वही परिवार सालाना केवल 5,000-6,000 रुपये का भुगतान करता है। अधिकांश चीजों पर अब केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ट्रैक्टरों के महत्व पर जोर देते हुए पीएम ने कहा कि 2014 से पहले, एक ट्रैक्टर खरीदने पर लोगों को 70,000 रुपये से अधिक टैक्स के रूप में चुकाने पड़ते थे। अब, उसी ट्रैक्टर पर उन्हें सिर्फ 30,000 रुपये का कर लगता है। इससे किसानों को 40,000 रुपये से अधिक की सीधी बचत हो रही है।
तिपहिया और दोपहिया वाहनों पर भी टैक्स का भार हुआ कम
पीएम ने बताया कि गरीबों के लिए रोजगार के एक प्रमुख स्रोत तिपहिया वाहन पर पहले 55,000 रुपये कर लगता था, जो अब घटकर 35,000 रुपये रह गया है। इससे खरीदारों के हाथ में 20,000 रुपये की बचत हो रही है। पीएम ने इस दौरान दोपहिया वाहनों पर कर में कटौती का उदाहरण भी दिया। पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी दरें कम होने के कारण 2014 की तुलना में अब स्कूटर 8,000 रुपये और मोटरसाइकिल 9,000 रुपये सस्ती हो गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन बचतों से गरीब, नव-मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग सभी को लाभ होगा।









