Himachal: हिमाचल में तबाही मचाने के बाद इन 10 जिलों से विदा हुआ मानसून, जानें माैसम पूर्वानुमान

Spread the love

 

 

बाही मचाने के बाद हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों से बुधवार को दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हो गया है। राज्य में इस बार 20 जून को मानसून ने दस्तक दी थी और खूब कहर बरपाया। इस दाैरान राज्य में सामान्य से 42 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून आज पूरे चंबा, कांगड़ा, ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, सोलन, सिरमौर और मंडी जिले से चला गया है।  कुल्लू और शिमला जिलों के अधिकांश हिस्सों और लाहौल-स्पीति जिले के कुछ हिस्सों से वापस चला गया है। अगले 2-3 दिनों के दौरान प्रदेश के शेष हिस्सों से मानसून के वापस जाने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। माैसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार पूरे प्रदेश में एक सप्ताह तक माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। राजधानी शिमला में भी आज माैसम साफ बना हुआ है। धूप खिलने से अधिकतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

मानसून सीजन में अब तक 4,88,121.10 लाख का नुकसान

हिमाचल में इस मानसून सीजन में अब तक 4,88,121.10 लाख की संपत्ति का नुकसान हो चुका है। प्रदेश में 20 जून से 23 सितंबर तक 454 लोगों की जान चली गई है, 498 लोग घायल हुए हैं। 50 लोग अभी भी लापता हैं। 190 लोगों की मौत सड़क हादसों में हुई है। राज्य में 674 पक्के, 1062 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। 2,376 पक्के और 5,118 कच्चे मकानों को नुकसान हुआ है। 496 दुकानें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा 7,399 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 2,519 मवेशियों की माैत हो गई। इस अवधि में बादल फटने की 47, अचानक बाढ़ 98 व भूस्खलन की 148 घटनाएं सामने आईं।

और पढ़े  Himachal Cabinet- मानसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, जल्द हो सकते हैं बड़े बदलाव

 

अक्तूबर में रवानगी करता रहा मानसून, इस बार जल्दी
वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रवेश 24 जून को हुआ। यह 30 सितंबर 2020 को विदा हुआ। 2021 में हिमाचल प्रदेश में मानसून 13 जून को आया और यह 10 अक्तूबर को रवाना हुआ। 2022 में मानसून 29 जून का आया और यह तीन अक्तूबर को विदा हुआ। 2023 में 24 जून को आया और 6 अक्तूबर को रवानगी की। इस बार भी मानसून का यह प्रवेश 20 से 23 जून के बीच हुआ। 24 सितंबर को वापसी हुई।

पिछले छह वर्षों में 2023 और 2025 को छोड़कर औसत से कम बारिश
वर्ष 2020 में 567.4, 2021 में 688.6, 2022 में 716.2, 2023 में 886.0, 2024 में 600.9 मिली मीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। यानी 2020 में 25.7 प्रतिशत कम, 2021 में 9.8 फीसदी कम, 2022 में 2.5 फीसदी कम, 2023 में 21.0 फीसदी अधिक और 2024 में 18.0 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड हुई। इस वर्ष एक जून से लेकर 21 सितंबर की बात करें तो 708 मिमी बारिश हो चुकी है। यह औसत से 45 प्रतिशत अधिक है। इस तरह से पिछले छह वर्षों में 2023 और 2025 में ही मानसून में औसत से काफी अधिक बारिश हुई है।

 322 सड़कें अभी भी बंद
राज्य में बुधवार सुबह 10:00 बजे दो नेशनल हाईवे सहित 322 सड़कें बंद रहीं। इसके अलावा 46 बिजली ट्रांसफार्मर व 69 जल आपूर्ति स्कीमें भी प्रभावित हैं। कुल्लू में 100 व मंडी जिले में 105 सड़कें बंद हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    Himachal- चंबा में चलती थार पर पत्थर गिरने से पर्यटक की मौत, पंडोगा में कार बही, इतने दिन बरसेंगे बादल

    Spread the love

    Spread the love हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश-भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। चंबा जिले में भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंजाब के पर्यटक की मौत हो गई। वह अपने…


    Spread the love

    किन्नौर कैलाश यात्रा- 960 श्रद्धालु रवाना, 5 से 10 अगस्त तक के ऑनलाइन स्लॉट ढाई घंटे में फुल

    Spread the love

    Spread the loveकिन्नौर कैलाश यात्रा इस वर्ष श्रद्धालुओं के बीच खासी लोकप्रिय साबित हो रही है। यात्रा के आधिकारिक रूप से 30 जुलाई को शुरू होने के बाद से अब…


    Spread the love