जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में हुए फैसले हमारे-आपके जेब पर सीधा असर डालेंगे। 22 सिंतबर यानी नवरात्र की शुरुआत के साथ रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी कई चीजों के दाम घट रहे हैं। ये तो खबर हुई… पर खबर के अंदर की कहानी के लिए आपको 2017 में चलना होगा। जब सरकार जीएसटी कानून लेकर आई। आधी रात को संसद का सत्र आयोजित करके इस कानून को लागू किया गया। कहा गया अब एक देश एक टैक्स होगा, लेकिन जब ये लागू हुआ तो विपक्ष ने कहा कि यह एक देश एक टैक्स नहीं बल्कि चार-पांच तरह के टैक्स का कानून है।

पराठों पर विवाद सुलझा
इससे पहले, फ्रोजन पराठों को लेकर भी जीएसटी वर्गीकरण को लेकर विवाद छिड़ा था। सादी रोटी पर जहां 5 प्रतिशत जीएसटी लगता था, वहीं पराठों को 18 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया। अब यह मामला सुलझ गया है। अब सभी भारतीय रोटियों, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए, को छूट दी गई है। अब इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
इससे पहले, फ्रोजन पराठों को लेकर भी जीएसटी वर्गीकरण को लेकर विवाद छिड़ा था। सादी रोटी पर जहां 5 प्रतिशत जीएसटी लगता था, वहीं पराठों को 18 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया। अब यह मामला सुलझ गया है। अब सभी भारतीय रोटियों, चाहे उन्हें किसी भी नाम से पुकारा जाए, को छूट दी गई है। अब इन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा।
पनीर-दूध से बनी चीजों पर भी राहत
इसी तरह पनीर पर जीएसटी दरों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जुलाई 2022 में हुई 47वीं जीएसटी परिषद की बैठक में स्पष्ट किया गया कि खुला (बिना ब्रांड वाला/बिना लेबल वाला) पनीर जीएसटी से मुक्त रहेगा, जबकि पहले से पैक और लेबल वाला पनीर 5% जीएसटी स्लैब में लाया गया है। अब आप कैसा भी पनीर खरीदते हैं तो वो जीएसटी से मुक्त रहेगा।
इसी तरह क्रीम बन्स पर भी जीएसटी कम दर से कर दिया गया है। पहले पेस्ट्री 18 प्रतिशत कर लगता था, जबकि बन्स और क्रीम पर अलग-अलग केवल 5 प्रतिशत कर लगता था। अब क्रीम बन्स सहित पेस्ट्रीज को 5 प्रतिशत के स्लैब में शामिल कर दिया गया है।
इसी तरह पनीर पर जीएसटी दरों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जुलाई 2022 में हुई 47वीं जीएसटी परिषद की बैठक में स्पष्ट किया गया कि खुला (बिना ब्रांड वाला/बिना लेबल वाला) पनीर जीएसटी से मुक्त रहेगा, जबकि पहले से पैक और लेबल वाला पनीर 5% जीएसटी स्लैब में लाया गया है। अब आप कैसा भी पनीर खरीदते हैं तो वो जीएसटी से मुक्त रहेगा।
इसी तरह क्रीम बन्स पर भी जीएसटी कम दर से कर दिया गया है। पहले पेस्ट्री 18 प्रतिशत कर लगता था, जबकि बन्स और क्रीम पर अलग-अलग केवल 5 प्रतिशत कर लगता था। अब क्रीम बन्स सहित पेस्ट्रीज को 5 प्रतिशत के स्लैब में शामिल कर दिया गया है।









