पहली पुण्यतिथि पर उमड़ा संत समाज, पहलवानी और समाजसेवा को किया याद
हनुमानगढ़ी के पूर्व सरपंच और समाजवादी संत सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे परम् पूज्य महंत भवनाथ दास की पहली पुण्यतिथि पर रविवार को संतों और श्रद्धालुओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। लगभग एक दशक तक हनुमानगढ़ी के सरपंच रहे महंत भवनाथ दास का पिछले वर्ष 80 वर्ष की अवस्था में साकेतवास हो गया था।
उनके उत्तराधिकारी शिष्य महंत रमेश दास ने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी आमंत्रित किया था, हालांकि उपराष्ट्रपति चुनाव की व्यस्तता के चलते वे समारोह में शामिल नहीं हो सके। महंत भवनाथ दास न केवल संत परंपरा में अग्रणी थे बल्कि देशभर में पहलवानी के क्षेत्र में भी उन्होंने ख्याति अर्जित की। हनुमानगढ़ी की ओर से कई राष्ट्रीय दंगल जीतकर उन्होंने अयोध्या की कुश्ती परंपरा को नई ऊँचाई दी।श्रद्धांजलि समारोह में महंत गौरीशंकर दास, निर्वाणी अनी अखाड़ा के श्री महंत मुरली दास, महासचिव नंदराम दास, हनुमानगढ़ी के सरपंच रामकुमार दास,प्रेम कुमार सोनी,इन्द्रसेन यादव समेत सैकड़ों संत-महंत शामिल हुए। श्रद्धालुओं और संतों ने उनके समाजसेवी योगदान, पहलवानी कौशल और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को याद कर उन्हें नमन किया।









