गणेश चतुर्थी पर बुधवार को 500 साल बाद सर्वार्थ सिद्धि, रवि, प्रीति, इंद्र एवं ब्रह्म योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पाराशर ने बताया कि मंगलवार दोपहर 1:54 बजे से बुधवार को दिन में 3:44 बजे तक चतुर्थी तिथि है। बुधवार को बन रहे दुर्लभ योग में गजानन महाराज विराजेंगे।
उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी पर बन रहे सर्वार्थ सिद्धि योग को कार्य सिद्धि और सफलता का प्रतीक माना जाता है। रवि योग में सूर्य देव की कृपा बरसती है, जिससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होती है। प्रीति योग संबंधों में मधुरता और सौभाग्य प्रदान करता है। इंद्र योग को शक्ति, ऐश्वर्य और सफलता का योग माना जाता है, जबकि ब्रह्म योग ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा है।








