भारतीय डाक विभाग ने रजिस्ट्री सेवा को 1 सितंबर से बंद करने का निर्णय लिया है। यह सेवा सरकारी आदेशों और कानूनी नोटिस अन्य दस्तावेजों को भेजने के लिए सुरक्षित मानी अब जाती है। 31 अगस्त के बाद रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा केवल इतिहास बनकर रह जाएगी। शीघ्र डिलीवरी पहुंचाने, उसे ट्रैक करने योग्य और आधुनिक बनाए जाने के लिए स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट को एकीकृत करने की दिशा में काम किया जा रहा है। पोस्ट ऑफिस ने 50 साल से अधिक पुरानी विश्वसनीय और सस्ती रजिस्ट्री सेवा को महंगी स्पीड पोस्ट सेवा में विलय करने का आदेश जारी कर दिया है। इससे आवश्यक दस्तावेज भेजने वालों को अतिरिक्त रुपए देने होंगे।
रजिस्ट्री के लिए 20 ग्राम तक डाक के लिए 26 रुपए और उसके बाद प्रत्येक 20 ग्राम पर पांच रुपए अतिरिक्त लगते थे। वहीं स्पीड पोस्ट के लिए शुरुआती दर 50 ग्राम के लिए 41 रुपए है। इसके बाद हर 50 ग्राम पर 40 रुपए अतिरिक्त देय होंगे। इस लिहाज से रजिस्टर्ड डाक की तुलना में स्पीड पोस्ट लगभग 20-25% महंगा है। जिले में जहां 1200 से 1300 स्पीड पोस्ट होती हैं, वहीं रजिस्ट्रियाें की संख्या 1000 से अधिक है।
डाक सेवा में सुधार और लोगों तक शीघ्र डिलीवरी पहुंचाने को भारतीय डाक विभाग की ओर से यह निर्णय लिया गया है। इससे ग्राहकों को सुविधा मिलेगी। हमने भी स्पीड पोस्ट सेवा की संख्या बढ़ने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही शुरू कर दी है ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े। -प्रकाश पाण्डे, सहायक डाक अधीक्षक, प्रधान डाकघर







