बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव के पास 2 वोटर आईडी कार्ड होने का मामला सामने निकलकर आया है। चुनाव आयोग ने इस मामले की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। इस खबर के सामने आने के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या दो वोटर आईडी कार्ड को रखना गैर कानूनी है? अगर हां, तो इसको लेकर सजा और जुर्माने के क्या प्रावधान हैं?
वोटर आईडी कार्ड सिर्फ एक पहचान पत्र नहीं बल्कि एक अहम अधिकार है। चुनाव में वोट डालने के लिए इस दस्तावेज का आपके पास होना बहुत जरूरी है। वोटर आईडी कार्ड निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया जाता है। वहीं अगर एक व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में दो वोटर आईडी कार्ड अपने पास रखता है तो यह गंभीर अपराध होने के साथ साथ निष्पक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भी कई सवाल खड़े करता है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर दो वोटर आईडी कार्ड बनवाता है तो इसकी गिनती चुनावी धोखाधड़ी में की जाती है।









