नैनीताल / हल्द्वानी : भाजपा में लगी पद छोड़ने की होड़, महिला मोर्चा की अध्यक्ष व महामंत्री ने दिया इस्तीफा..

चुनाव से ठीक पहले भाजपा में पद छोड़ने की होड़ से लग गई है। दो दिन पहले भाजपा उत्तरी मंडल के अध्यक्ष नवीन पंत सहित तीन पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद शनिवार को महिला मोर्चा की अध्यक्ष दीप्ति चुफाल और महामंत्री प्रेमलता पाठक ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है लेकिन लगातार इस्तीफों से पार्टी के अंदर घमासान के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अनुशासित मानी जाने वाली भारतीय जनता पार्टी में अचानक इस्तीफे के दौर से दिग्गज भी हैरान हैं। महिला मोर्चा की अध्यक्ष दीप्ति चुफाल और प्रेमलता पाठक इस्तीफा देने के कारणों को बताने से बच रही हैं। दीप्ति का कहना है कि वह पार्टी कार्यकर्ता के रूप में कार्य करेंगी। दो दिन पहले उत्तरी मंडल के अध्यक्ष नवीन पंत, मंडल महामंत्री और कोषाध्यक्ष ने एक साथ जिलाध्यक्ष को अपना-अपना इस्तीफा भेजा था। नवीन पंत पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। पार्टी के हर कार्यक्रम में वह फ्रंट लाइन में दिखते हैं। हालांकि उन्होंने अब तक अपने इस्तीफे का कारण नहीं बताया है। अंदरखाने चर्चा है कि उन्हें पार्टी के कुछ लोगों से ठेस पहुंची है। पार्टी के वरिष्ठ उनकी बात नहीं सुन रहे थे। पता चला है कि अभी कई अन्य लोग भी कुछ पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज चल रहे हैं।
सभी कार्यकर्ता पार्टी के अनुशासन से बंधे हैं। जो पार्टी को क्षति पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे भी अनुशासन का सामना करना पड़ेगा। नवीन पंत सहित तीन लोगों का इस्तीफा मिल चुका है लेकिन महिला पदाधिकारियों का इस्तीफा नहीं मिला है।
-प्रदीप बिष्ट, जिलाध्यक्ष भाजपा
वो दो चेहरे कौन हैं जो दबाव बना रहे हैं
हल्द्वानी। चार दिन के अंदर पांच पदाधिकारियों के इस्तीफे से यह बात तो तय हो चुकी है कि भाजपा में अंदरखाने ठीकठाक नहीं चल रहा है। अनुशासन की दुहाई देकर इस्तीफा देने वाले कुछ भी कहने से इन्कार कर रहे हैं लेकिन पार्टी से जुड़े कुछ लोगों का कहना है कि दो बड़े चेहरे मंडल अध्यक्षों पर दबाव बनाते हैं। महामंत्री और कोषाध्यक्ष पद के लिए अपने चहेतों की पैरवी करते हैं। जिला स्तर पर भाजपा अपने प्रतिद्वंद्वियों से मुकाबला करने की जगह अपनों की लड़ाई से परेशान हो गई है। नाम न छपने की शर्त पर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें पार्टी के प्रदेश स्तर और राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई शिकायत नहीं है लेकिन जिले में दो चेहरे पार्टी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं।
जिलाध्यक्ष को लेकर लामबंदी
हल्द्वानी। भाजपा में जिलाध्यक्ष का चुनाव एक साल बाद होना है लेकिन अभी से एक पदाधिकारी को अध्यक्ष बनाने के लिए लामबंदी शुरू हो गई है। इस बारे में जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट का कहना है कि पार्टी में कोई तय नहीं कर सकता है कि कौन होगा अगला अध्यक्ष ।

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