देवी बस- दिल्ली में नई इलेक्ट्रिक बस सेवा देवी की शुरुआत,आम लोगों को कैसे होगा फायदा

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दिल्ली सरकार ने हरित परिवहन की दिशा में एक नए युग की शुरुआत करते हुए शुक्रवार को दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल इंटरचेंज (DEVI) नाम की एक नई बस सेवा शुरू की। परियोजना के तहत 225 आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल बसों के नए बेड़े को सड़क पर उतारा गया है।

दिल्ली सरकार की DEVI (देवी) इलेक्ट्रिक बस पहल के शुभारंभ के दौरान नौ मीटर लंबाई वाली फुल इलेक्ट्रिक बसों को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके  पर केंद्रीय परिवहन और राजमार्ग एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री पंकज सिंह और भारत सरकार में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत दिल्ली के सांसद और जीएनसीटीडी के कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे।

 

पुरानी बसों की जगह लेंगी नई DEVI बसें
इन बसों को खास तौर पर उन रूट्स पर चलाया जाएगा जहां से हाल ही में करीब 700 पुरानी बसें कोर्ट के आदेश के बाद हटा दी गई थीं। ये पुरानी बसें अब अपनी उम्र पूरी कर चुकी थीं। DEVI बसों में 9 मीटर लंबाई वाली बसें होंगी, ताकि जरूरत के मुताबिक यात्रियों को पूरी सुविधा दी जा सके।

कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर
ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, इन नई बसों को इस तरह से चलाया जाएगा कि वो भीतरी इलाकों की छोटी सड़कों को मुख्य सड़कों से जोड़ें। इस सेवा का मकसद है कि जहां बड़े बस रूट नहीं पहुंच पाते, वहां तक भी सार्वजनिक परिवहन की सुविधा दी जा सके।

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क्या है देवी बस योजना
यह पहल दिल्ली सरकार की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है जिसके अंतर्गत 2025 से 2026 के बीच 2,080 (9 मीटर) इलेक्ट्रिक मोहल्ला बसें शुरू की जानी हैं। इसका उद्देश्य शहर के सार्वजनिक परिवहन बेड़े के 80 प्रतिशत को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलना है।

इस योजना के तहत 1,456 (9 मीटर) इलेक्ट्रिक बसें तैनात की जाएंगी, जो आराम, सुविधा और पर्यावरणीय स्थिरता को ध्यान में रखते हुए डिजाइन की गई हैं। यह बसें सुविधाजनक परिवहन के साधन के तौर पर राजधानी को स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

क्या है इन ई-बसों की खासियतें
इन 255 (9 मीटर) देवी बसों में से प्रत्येक को यात्रियों की सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता देते हुए बनाया गया है। 23 सीटों वाले इस बस डिजाइन में 6 पिंक सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, ऑटोमेटेड रैम्प के साथ व्हीलचेयर स्पेस, लो-फ्लोर डिजाइन, और “नीलिंग” तकनीक जैसी विशेषताएं हैं, जिससे बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को चढ़ने-उतरने में सुविधा मिलती है। अन्य सुविधाओं में रीयल-टाइम डायग्नोस्टिक्स, ऑटोमेटिक यात्री गणना, और एयर सस्पेंशन शामिल हैं। ये बसें कुशक नाला और ईस्ट विनोद नगर डिपो से संचालित होंगी, जिससे बसें दिल्ली की व्यस्त कॉलोनियों और मोहल्लों में प्रभावशाली संचालन कर सकेंगी।

महिला ड्राइवर भी शामिल 
पीएमआई की जेंडर इनक्लूसिविटी के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए डीईवीआई बेड़े में महिला ड्राइवर भी शामिल की गई हैं। यह भारत के ग्रीन मोबिलिटी इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रगतिशील कदम है।

हरित सार्वजनिक परिवहन की ओर अग्रसर
इन बसों का निर्माण भारत की अग्रणी इलेक्ट्रिक बस निर्माता कंपनी पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी ने किया है। पीएमआई इलेक्ट्रो मोबिलिटी की सीईओ डॉ. आंचल जैन ने डीईवीआई पहल की उपलब्धि के इस मौके पर कहा, “एक दिल्लीवासी के रूप में अपनी राजधानी के सतत भविष्य में योगदान देना मेरे लिए गर्व की बात है। पीएमआई में हम हमेशा देश को स्वच्छ और पर्यावरण-संवेदनशील सार्वजनिक परिवहन की ओर अग्रसर करने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। डीईवीआई प्रोजेक्ट इसी प्रतिबद्धता का विस्तार है, जिसके जरिये हम इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को हर नागरिक के लिए सुलभ, विश्वसनीय और समावेशी बना रहे हैं। हमारी बसों ने देशभर में अब तक 20 करोड़ से अधिक ग्रीन किलोमीटर की दूरी पूरी की हैं और अब देवी बस पहल के साथ हम यह अनुभव और विशेषज्ञता अपने घर दिल्ली लाए हैं।”

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