नैनीताल में तांडव: ‘आज से नहीं बिकेगी बिरयानी.. सिर्फ चलेगा हिंदुस्तानी’, मैसेज हुआ वायरल तब जुटी भीड़

 

 

नैनीताल में बुधवार को सांप्रदायिक तनाव फैल गया। रात करीब साढ़े नौ बजे से साढ़े 12 बजे तक सड़कों पर जमकर बवाल हुआ। उस्मान नाम के बुजुर्ग ठेकेदार पर एक बालिका से दुष्कर्म करने का आरोप लगा। बालिका से दुष्कर्म की सूचना शहर में आग की तरह फैल गई। भीड़ मल्लीताल की सड़कों पर जमा हो गई। इसके बाद हिंदू संगठनों ने मुस्लिम समाज के लोगों की दुकानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। विरोध करने वालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

नैनीताल में गाड़ी पड़ाव में घरों में तोड़फोड़ कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हुई। तभी कुछ भीड़ कम हुई। हालांकि पुलिस के लाठी चलाने पर कई हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता भड़क उठे और दोबारा कोतवाली के सामने धरने पर बैठ गए।

हिंदूवादी संगठन ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए। शहर का माहौल खराब होने पर पूरा बाजार बंद हो गया। सांप्रदायिक तनाव की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पकड़े गए आरोपी को अपने हवाले करने की मांग करते हुए भीड़ ने मल्लीताल कोतवाली घेर ली।

 

वाहन गिराए, घरों के तोड़े शीशे 
उग्र भीड़ ने गाड़ी पड़ाव बाजार में खड़े वाहन गिरा दिए। वहां दुकानों के आगे रखे सामान को भी इधर-उधर फेंक दिया। साथ ही कई घरों पर ईंट पत्थर फेंके। इस दौरान कई घरों के शीशे टूट गए। तब पुलिस ने वहां से अराजकता फैला रहे लोगों को खदेड़ा।

 

500 मीटर तक फैलाते रहे अराजकता 
उग्र भीड़ ने 500 मीटर तक अराजकता फैलाई। कोतवाली और गाड़ी पड़ाव तक कई बार उग्र लोग आते-जाते रहे और पत्थर चलाते रहे। पुलिस एक जगह से भीड़ को हटाती तो लोग दूसरी ओर एकत्र हो जा रहे थे।

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दहशत में आ गए लोग 
गाड़ी पड़ाव में मकानों पर पथराव के बाद लोग दहशत में आ गए। वहां रहने वाले परिवार खिड़की से ऐसा न करने की गुहार लगाते रहे। पुलिस पहुंची तो भीड़ यहां से भागी।

 

 

तीन घंटे बाद शांत हुआ मामला
मल्लीताल में सांप्रदायिक विवाद के चलते तीन घंटे शहर की प्रमुख सड़कें उपद्रवियों के हवाले रहीं। पुलिस की ओर से काफी प्रयास के बाद गुस्साए लोग शांत हुए। एडीएम फिंचा राम चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल, एसपी डॉ. जगदीश चन्द्र, सीओ प्रमोद साह की ओर से लोगों से वार्ता कर उनसे शांत रहने की अपील की। उसके बाद लोग अपने घर चले गए। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। हालांकि बृहस्पतिवार का दिन भी पुलिस के लिए चुनौती भरा है।

 

आरोपी से मिलीभगत का आरोप लगा डॉक्टर बेटे पर भी गुस्सा 
जिस बुजुर्ग ठेकेदार पर दुष्कर्म का आरोप लगा है, उसका बेटा यहां के सरकारी अस्पताल में ही डॉक्टर है। उसी अस्पताल में बालिका का मेडिकल परीक्षण कराने की जब तैयारी की गई तो भीड़ और गुस्सा गई। लोगों का कहना था कि इस अस्पताल में किसी सूरत में मेडिकल परीक्षण सही नहीं होगा। यह भी आरोप लगा कि पुलिस की आरोपी बुजुर्ग से मिलीभगत है, इसलिए उसे बचाने का हर तरीका पुलिस इस्तेमाल कर रही है। इसी कारण भीड़ ने बुजुर्ग के साथ उसके बेटे पर भी कार्रवाई की मांग रखी।

 

 

मैसेज वायरल होने के बाद जुटी भीड़ 
कोतवाली में मामला पहुंचने के बाद हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों तक खबर पहुंच गई। पहले कुछ लोग इकट्ठे हुए, उन्हीं में से कुछ ने व्हाट्सएप समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मैसेज पोस्ट किया। यह वायरल हुई तो धीरे-धीरे कोतवाली के बाहर और सड़क पर भीड़ जुटती चली गई। उस पोस्ट का ही असर था कि लोगों में आक्रोश भड़का।

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आज से नहीं बिकेगी बिरयानी’ 
घटना से गुस्साए लोगों ने कहा कि आज से नहीं बिकेगी बिरयानी, सिर्फ चलेगा हिंदुस्तानी। लोगों का कहना था कि शहर में एक समुदाय की ओर से लगातार अपराध किए जा रहे हैं। इसलिए अब वे उनकी गलत चीजों को नहीं चलने देंगे।

 

 

जानिए कब क्या हुआ 
07:30 बजे
बालिका को लेकर परिजन कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना बताई।
08:05 बजे
बच्ची के साथ छेड़छाड़ की सूचना पूरे शहर में फैल गई।
09:30 बजे
लोगों की कोतवाली में भीड़ जमा हुई और फिर तोड़फोड शुरु हो गई।
10:30 बजे
आक्रोशित लोगों ने शहर में जुलूस निकला और दोबारा तोड़फोड़ हुई।
12:05 बजे
पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों पर लाठियां भाजी और तितर बितर किया।
12:30 बजे
मामला शांत हुआ और गुस्साए लोगों ने घर जाना शुरू किया ।
02:00 बजे
शांति बनाने के लिए पुलिस शहर में गश्त करती रही।

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