मोदी कैबिनेट के अहम फैसला: असम-मेघालय के बीच नए हाईवे को मंजूरी,गन्ने के एफआरपी में किया गया इजाफा

Spread the love

 

 

केंद्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने असम और मेघालय के बीच नए हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। यह हाईवे सिलचर से शिलॉन्ग तक बनेगा। इसका निर्माण नॉर्थ ईस्ट कॉरिडोर के तहत किया जा रहा है। Fइसके अलावा गन्ने के एफआरपी को बढ़ाने का एलान किया गया है। गन्ने की नई एफआरपी 355 रुपए प्रति कुंटल की गई है।  वहीं मोदी सरकार आगामी मूल जनगणना के साथ जाति जनगणना कराने का भी एलान किया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकी दी।

 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेघालय के मावलिंगखुंग से असम के पंचग्राम तक 22,864 करोड़ रुपये की कुल लागत से 166.80 किलोमीटर लंबे राजमार्ग के निर्माण की बुधवार को मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस राजमार्ग परियोजना का 144.80 किलोमीटर लंबा हिस्सा मेघालय और 22 किलोमीटर लंबा हिस्सा असम में स्थित है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में यह फैसला किया गया।

सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा कि मंत्रिमंडल ने मेघालय में मावलिंगखुंग (शिलांग के पास) से असम में पंचग्राम (सिलचर के पास) तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-06 के 166.80 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले मार्ग के विकास, रखरखाव और प्रबंधन के प्रस्ताव को हाइब्रिड एन्युटी मोड पर मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल पूंजी लागत 22,864 करोड़ रुपये है।

प्रस्तावित हाई-स्पीड गलियारा गुवाहाटी से सिलचर के बीच चलने वाले यातायात के लिए सेवा स्तर में सुधार करेगा। इसके विकास से त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और असम के बराक घाटी क्षेत्र की मुख्य भूमि और गुवाहाटी से सड़क संपर्क में सुधार होगा और यात्रा की दूरी एवं यात्रा के समय में काफी कमी आएगी।

और पढ़े  सुप्रीमकोर्ट सख्त: यूपी समेत 3 राज्यों को फटकार, फर्जी नंबर वाले वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश

बयान के मुताबिक, यह राजमार्ग देश की लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाने में भी योगदान देगा। यह गलियारा असम और मेघालय के बीच संपर्क में सुधार करेगा और मेघालय में उद्योगों के विकास सहित आर्थिक विकास को बढ़ावा देगा, क्योंकि यह मेघालय के सीमेंट और कोयला उत्पादन क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। 

सरकार का यह प्रोजेक्ट पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत विकसित किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे NH-27, NH-106, NH-206 और NH-37 से भी कनेक्ट होगा। इसके जरिए शिलॉन्ग, सिलचर और गुवाहाटी जैसे बड़े शहरों के बीच इंटर-सिटी कनेक्टिविटी मजबूत होगी और मौजूदा NH-06 पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

गन्ना किसानों को बड़ी सौगात 

सरकार ने बुधवार को अक्टूबर से शुरू होने वाले आगामी 2025-26 सत्र के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 4.41 प्रतिशत बढ़ाकर 355 रुपये प्रति क्विंटल करने का फैसला किया। चालू 2024-25 सत्र के लिए गन्ने का एफआरपी 340 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।

केंद्र सरकार एफआरपी तय करती है, जो अनिवार्य न्यूनतम मूल्य है। चीनी मिलें गन्ना किसानों को उनकी उपज के लिए यह मूल्य देने को कानूनी रूप से बाध्य हैं।सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीसीईए की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि मूल वसूली दर यानी प्रसंस्करण के दौरान गन्ने से प्राप्त चीनी 10.25 प्रतिशत रहने पर 355 रुपये प्रति क्विंटल का एफआरपी स्वीकृत किया गया है।

चीनी प्राप्ति दर इससे अधिक होने पर मूल्य अधिक मिलेगा, जबकि कम होने पर मूल्य कम हो जाएगा। इस तरह 9.5 प्रतिशत की दर पर किसानों को 329.05 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा। इससे कम चीनी प्राप्ति की दर होने पर कोई कटौती नहीं की जाएगी और न्यूनतम 329.05 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान हर हाल में किसानों को किया जाएगा।

और पढ़े  Delhi- 'कॉकरोच जनता पार्टी' को राहत नहीं, HC ने एक्स अकाउंट को तुरंत बहाल करने से किया इनकार

गन्ना 2025 के लिए उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी)

  • हर गन्ना सीजन में, केंद्र सरकार कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर गन्ने का एफआरपी तय करती है।

  • एफआरपी एक मानक मूल्य है, इससे कम कीमत पर कोई भी चीनी मिल किसानों से गन्ना नहीं खरीद सकती।

  • एफआरपी की वास्तविक गणना सभी प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में उत्पादन लागत के आधार पर की जाती है।

  • गन्ने काएफआरपी “गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966” के तहत निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखते हुए तय किया जाता है।


Spread the love
  • Related Posts

    मन की बात- एथलीट्स के रिकॉर्ड बनाने से मनोरमा नदी को बचाने के अभियान तक, PM ने किया किन मुद्दों का जिक्र

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे पूरे ऑल इंडिया रेडियो (आकाशवाणी) और…


    Spread the love

    दिल्ली: साकेत में बहुमंजिला इमारत गिरी- 6 मंजिला इमारत ढही, 15 निकाले गए, एक की मौत, 80 से ज्यादा के दबे होने की आशंका

    Spread the love

    Spread the loveदेर रात तक 15 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका था। घायलों में 11 पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। सभी घायलों को मैक्स, एम्स और…


    Spread the love