25जुलाई से आरम्भ हो रहे पवित्र श्रावण मास पर देश के विभिन्न प्रान्तों में रह रहे रामादल परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से सवा करोड़ मृतसंजीवनी महामृत्युंजय महामन्त्र का जाप और अमोघ शिवकवच का अधिक से अधिक संख्या मे महानुष्ठान संचालित किया जायेगा।जानकारी देते हुए रामादल अध्यक्ष पण्डित कल्किराम ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल की दो लहरों में जितने भी लोग रामादल ट्रस्ट के तत्वावधान मे आयोजित महायज्ञ से जुड़े वह सभी लोग अपने परिजनों के साथ सुरक्षित हैं इसी तथ्य को ध्यान मे रखकर कोरोना की तीसरी लहर को ही अन्तिम लहर बनाकर इसका अन्तिम संस्कार करने की मंशा के साथ राष्ट्रीय स्तर पर महामृत्युंजय महायज्ञ का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है और इसमे सनातन समाज की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए दूरभाष व शोसल मीडिया के माध्यम से सम्पर्क बनाने का सिलसिला शुरू किया जा रहा है।आखिर कब तक हम एक के बाद एक लहर का सामना करते रहेंगे इससे न तो हमारा विकास होगा और न ही देश का इसलिए अब कोरोना से आरपार का संग्राम करना जरूरी हो गया है।सामाजिक दूरी के साथ अपने-अपने स्थान पर रहकर ही नित्य ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य नमस्कार करते हुए कम से कम 30मिनट का ध्यान करते हुए गायत्री अथवा महामृत्युंजय महामन्त्र का जप करने के बाद अपने स्थान पर ही सूक्ष्म यज्ञ-हवन का आयोजन करने के लिए कहा जा रहा है जिन भाई बहनों के घरों में शंख हो उन्हे शंखनाद करने का सुझाव दिया गया इससे उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता तो बढ़ेगी ही वायुमंडल का शुद्धिकरण भी होगा।आवश्यकतानुसार ही घरों से निकलें भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भूलकर भी न जायें,अफवाहों पर ध्यान न दें,अगर हम इसमे लापरवाही बरतते हैं तो इसके जिम्मेदार हम स्वयं ही होंगे इसलिए इसे अपना प्रथम कर्तव्य मानकर हमें हर कीमत पर चलना ही होगा।
कोरोना का हो नाश ऐसा करें प्रयास।
(पण्डित कल्किराम)
अध्यक्ष
रामादल ट्रस्ट









