आचार्य सत्येंद्र दास को श्रद्धांजलि- सीएम योगी हुए भावुक!इन शब्दों में दी आचार्य सत्येंद्र दास को श्रद्धांजलि

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राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास के निधन पर आध्यात्म जगत के लोगों ने शोक संवेदना व्यक्त की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उनका जाना आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है।

उन्होंने एक्स पर कहा कि परम रामभक्त, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि!

प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

ॐ शांति!

दशरथ महल के महंत देवेंद्र प्रसादाचार्य ने कहा कि रामलला के प्रति उनकी निष्ठा अगाध थी। टेंट से लेकर राम मंदिर निर्माण तक की यात्रा के हर एक पड़ाव के भी साक्षी रहे हैं। वे हमेशा रामलला को टेंट में देखकर द्रवित होते थे। वह संतृप्त की भी मिसाल थे। उनका निधन संत परंपरा की एक बड़ी क्षति है।

रामलला और उनकी सेवा को लेकर बेबाक टिप्पणी करते थे

श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख राजकुमार दास कहते हैं कि आचार्य सत्येंद्र दास बेहद सहज और सरल होकर भी रामलला और उनके सेवा को लेकर बेबाक टिप्पणी करते थे। यह उनकी परम रामभक्ति का परिचायक था। उन्होंने हर परिस्थितियों में रामलला की बेहतर से से बेहतर सेवा की। उनका यह योगदान करोड़ों रामभक्त परिवार हमेशा याद रखेगा। यह संयोग कहें या राम की कृपा की माघ पूर्णिमा के पवित्र दिन उन्होंने परलोक के लिए प्रस्थान किया।

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अयोध्याधाम के आचार्य रत्नेश ने कहा कि श्रीरामलला की नित्य सेवा के लिए नित्यधाम में प्रविष्ट हो गए श्रीरामलला के अनन्य भक्त श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येन्द्र दास जी महाराज। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख नायकों में से एक रहे। सत्येंद्र दास जी  महाराज ने ही 1992 में बाबरी ध्वंस के समय रामलला की मूर्तियां गोद में लेकर सुरक्षित हटाईं थीं। वह लंबे समय से श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी थे।

मोदी की जीत के लिए किए गए मेरे अनुष्ठान की चर्चा की थी

श्रीअयोध्या धाम के पंडित कल्किराम ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास जी के निधन से बहुत दुखी हूं। 14 जनवरी 2014 को अनेकों प्रतिबंध के बाद भी श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मुख्य गर्भगृह स्थल पर परम्परागत फहराया जाने वाला धर्म ध्वज विजय ध्वज फहराकर मोदी जी के विजयश्री की कामना के लिए मेरे द्वारा शुरू होने वाले धार्मिक महानुष्ठान की सफलता का आशीर्वाद दिया था और समय समय पर भेंट किए गए ध्वज को बीते दस वर्षों तक लगातार फहराया भी।

मैं अक्सर उनसे मिलने जाता था और वह मुझे बहुत स्नेह रखते थे। एक बार मैं रामलला की पोशाक लेकर गया तो बातचीत में ही उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री जी के लिए जो अनुष्ठान कर रहे हैं इसमें तो बहुत खर्च आता है उसके लिए धन कौन देता है?

मैंने कहा कि पूजा पाठ कर्मकाण्ड से जो मिलता है उसी से करते हैं तब उन्होंने कहा कि यह सबसे महान कार्य है करते रहो जब कभी मौका मिला तो मैं इसे प्रधानमंत्रीजी से कहूंगा और वर्ष 2022 में जब प्रधानमंत्री मोदी जी दीपोत्सव में शामिल होने श्री अयोध्या जी आए और श्रीराम लला सरकार का दर्शन पूजन करने पहुंचे तो उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मेरे अनुष्ठान की चर्चा भी की। हृदय की गहराइयों से नमन करते हुए जगतपति भगवान श्रीहरि विष्णु जी से उनके उत्तम लोक प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।

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