अयोध्या- मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन की बैठक संपन्न 

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योध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन की बैठक संपन्न होने के बाद दूसरे दिन की बैठक के लिए समिति के चेयरमैन निर्पेंद्र मिश्रा ने सर्किट हाउस में मीडिया से बात किया। नृपेंद्र मिश्र ने कहा कि परकोटे में एक म्यूरल लग गया है। पर कोटे में हमें क्या-क्या सावधानी बरतनी है इसपर चर्चा हुई है।उन्होंने कहा कि कल हमने एक महत्वपूर्ण चीज देखा की पत्थर में कमजोरी है। उसमें किस प्रकार से मजबूती लाना है देखने में ऐसा प्रतीत होता है की जो पत्थर की मोटाई है जिस पत्थर को हम लोगों ने लगाया वह कमजोर लगता है। उन जगहों के पत्थर हटा करके उसमें मजबूत पत्थर लगने होंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि जो सात प्रकार के मंदिर हैं उन मंदिरों की किस प्रकार से स्थापना होगी जो पहला मंदिर होगा वह महर्षि वाल्मीकि का होगा। जो प्रवेश द्वार की पास मिलेगा। वह महर्षि वाल्मीकि का मंदिर होगा और उसके बाद सात मंदिर होंगे। महर्षि वाल्मीकि के सामने जो मंदिर होगा, अगस्त भगवान का होगा। इसी क्रम में एक छोटा सा तालाब बीच में बनाया जाएगा यह भी एक निर्णय लिया गया है। यह तालाब इसलिए बनाया जा रहा है कि लोग आते हैं और अपने विश्वास के साथ पहले उसे जल का प्रयोग करें उसके बाद अपने-अपने मंदिरों के दर्शन करें। बीच में एक कठिनाई यह भी आई थी कि श्रद्धालुओं को एक लंबी दूरी में जूता चप्पल रखकर चलना पड़ता था। अब आने वाले दिनों में मंदिर बहुत जल्द अंतिम दौर में होगा और जो लोग आएंगे वह कुबेर टीला तक जाना चाहेंगे। जो जूता निकाल कर आएंगे उन्हें पुनः सुविधा केंद्र जाना होगा और वह पूरी तरीके से वंचित हो जाएंगे। लोगों की सम्मति से यह तय किया गया एक नया स्थान बनाया गया है जो मंदिर के बहुत निकट है। जो भी श्रद्धालु आएंगे वह अपना जूता चप्पल निकाल कर मंदिर का दर्शन करेंगे और जैसे ही बाहर निकलेंगे अपना जूता चप्पल तत्काल पहन ले। लगभग 6000 जोड़ों का जूता चप्पल की व्यवस्था की गई है और यह कार्य भी आने वाले 6 माह में पूर्ण कर लिया जाएगा।
संग्रहालय का अभी कार्य देखा जा रहा है। आने वाले तीन दिनों में मैं यहां हूं और यह संग्रहालय आप यह मान कर चले स्क्रिप्ट राइटिंग का कार्य शुरू किया गया है। इसकी स्क्रिप्ट क्या होगी जो हमारे संग्रहालय के एक्सपर्ट हैं उनको भी चिन्हित कर लिया गया है। यह स्क्रिप्ट टेक्निकल लोगों को सौंप दिया जाएगा और वह यह बताएंगे कि उसकी स्क्रिप्ट को किस टेक्नोलॉजी से दिखाया जाए। स्क्रिप्ट से जो टेक्नोलॉजी का जोड़ होगा दिखाएंगे। उसका कार्य अब हम लोग शुरू करने जा रहे हैं।

और पढ़े  ताज में जलाभिषेक होगा कि नहीं? अदालत में सुनवाई फिर टली, अगली तारीख 2 सितंबर

Byte…नृपेंद्र मिश्र , चेयरमैन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति अयोध्या


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