हल्द्वानी हिंसा: मोस्ट वांटेड अब्दुल मलिक अब रहेगा नैनीताल जेल की बैरक नंबर 1 में,लगातार सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा मलिक

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हल्द्वानी हिंसा: मोस्ट वांटेड अब्दुल मलिक अब रहेगा नैनीताल जेल की बैरक नंबर 1 में,लगातार सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा मलिक

पुलिस ने हल्द्वानी हिंसा के मोस्ट वांटेड अब्दुल मलिक को उपद्रव के 81 आरोपियों से अलग रखा है। मलिक को शनिवार देर रात नैनीताल जेल में दाखिल किया गया। मलिक को छोड़कर उपद्रव के सभी आरोपियों को हल्द्वानी उप कारागार में रखा गया है।

लाइन नंबर 8 बनभूलपुरा निवासी अब्दुल मलिक को पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार किया था। मलिक आठ फरवरी को बनभूलपुरा में हुए उपद्रव के पहले से ही फरार चल रहा था। इसके बाद इस मामले के आरोपी 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया और सभी को उप कारागार हल्द्वानी में रखा गया। उम्मीद जताई जा रही थी कि मलिक को भी हल्द्वानी में ही अन्य उपद्रवियों के साथ रखा जाएगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं। गिरफ्तारी और कोर्ट में पेश करने के बाद अब्दुल मलिक को पुलिस ने शनिवार रात जिला जेल नैनीताल में दाखिल किया। मलिक को वहां बैरक नंबर एक में रखा गया है। अब्दुल मलिक को सुरक्षित बैरक में रखा गया है। बैरक में लगे सीसीटीवी से भी लगातार निगरानी की जा रही है। जो भोजन अन्य बंदी व कैदियों को दिया जा रहा है, वही मलिक को भी दिया गया।

संजीव ह्यांकी, जेल अधीक्षक नैनीताल
बता दें कि, पुलिस अब्दुल मलिक को पूछताछ के लिए जल्द रिमांड पर लेगी। इसके लिए पुलिस जल्द ही कोर्ट में अर्जी दायर कर सकती है। फिलहाल मलिक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में नैनीताल जेल भेजा गया है।

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पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद मलिक से शनिवार को पांच से सात घंटे पूछताछ की थी। मलिक से अभी केस में कई चीजें पूछी जानी है। इसमें मलिक की संपत्ति, मलिक घटना के दिन कहां था, क्या उसने उपद्रव के लिए फंडिंग तो नहीं की, लोगों को उसने कैसे भड़काया आदि सवाल के जवाब से पुलिस काफी दूर है।

पुलिस सूत्र बताते हैं कि सोमवार या मंगलवार को पुलिस कोर्ट जा सकती है। कोर्ट से उसे पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया जाएगा। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि मलिक से पूछताछ में जो बातें सामने आई थी, पुलिस उस दिशा में काम कर रही है। जरूरत पड़ने पर दोबारा मलिक को पूछताछ के लिए रिमांड में लिया जा सकता है।


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