रेलवे ने 90 परिवारों को 7 दिन में अतिक्रमण हटाने का दिया निर्देश.

(नैनीताल) लालकुआं – रेलवे प्रशासन ने तीन दशकों से बसे बंगाली कॉलोनी की भूमि को रेलवे की भूमि बताते हुए 90 घरों में नोटिस चस्पा कर एक सप्ताह के भीतर के स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी कि अतिक्रमण नहीं हटाया तो रेल विभाग अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ हर्जाना भी वसूलेगा।

बृहस्पतिवार को सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य केएन पांडे के नेतृत्व में जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस बल के साथ भारी संख्या में रेलकर्मी बंगाली कॉलोनी के नगीना बस्ती पहुंचे। रेल कर्मियों ने एक ओर से झुग्गी झोपड़ियों और मकानों पर नोटिस चस्पा किए। शुरुआत में कॉलोनीवासियों ने विरोध की कोशिश की तो भारी संख्या में सुरक्षा बल देखकर वह हिम्मत नहीं जुटा पाए। चस्पा नोटिसों में स्पष्ट रूप से लिखा है कि एक सप्ताह के भीतर रेलवे की भूमि को खाली कर दें। अन्यथा रेल विभाग अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ हर्जाना भी वसूलेगा।

इस मौके पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर रेलपथ संजय कुमार, आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक वीके सिंह, जीआरपी काठगोदाम के थानाध्यक्ष अशोक कुमार व लालकुआं कोतवाली के पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
इधर, रेलवे की ओर से नोटिस चस्पा होने पर सैकड़ों लोग तहसील पहुंचे और धरने पर बैठ गए। नगीना कॉलोनी निवासी चंदन जोशी ने कहा कि लोग पिछले पांच दशक से नगीना कॉलोनी में रह रहे हैं। अब रेलवे प्रशासन ने उनकी भूमि को अपना बताकर उन्हें बेघर कर रहा है। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने डीएम को प्रेषित ज्ञापन की प्रति तहसीलदार नितेश डांगर को सौंपी।

और पढ़े  हल्द्वानी: डेंगू और स्वाइन फ्लू के बाद स्क्रब टाइफस की दस्तक, एसटीएच में 12 मरीज भर्ती
  • Related Posts

    बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला: सुप्रीमकोर्ट का फैसला फिर टला, नई तारीख शाम को होगी पुष्ट

    हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया है। याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई आगे…

    हल्द्वानी: सुप्रीम फैसले से पहले बनभूलपुरा में सड़कों से छतों तक पुलिस का पहरा, ड्रोन से निगरानी, सुनवाई कल

    हल्द्वानी में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकती है। इसे लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। करीब 500 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान…