प्रदेश के सभी अस्पतालों में 4 जून से ओपीडी शुरू कर दी जाएगी। जिन्हें सर्जरी की जरूरत होगी उन्हें भर्ती कर लिया जाएगा। सर्जरी करने से पहले कोरोना की जांच कराई जाएगी। मुख्यमंत्री योगी के निर्देश के बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने देर शाम विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कोरोना का असर लगातार कम हो रहा है। करीब 64 जिलों में 600 से कम एक्टिव केस हो गए हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में जनरल ओपीडी शुरू की जाए। जनरल ओपीडी में अभी सीमित संख्या में मरीज देखे जाएं। सभी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ओपीडी संचालन को लेकर पुख्ता रणनीति बनाएं। ओपीडी में आने के लिए मरीज का समय पूर्व निर्धारित हो।
अपॉइंटमेंट सिस्टम अनावश्यक भीड़ को रोकने में कारगर होगा। इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे निरंतर जारी रखी जाएं। ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभ मिल सके। मालूम हो कि प्रदेश में अप्रैल माह के पहलेे सप्ताह में ओपीडी का संचालन सीमित कर दिया गया था। अपॉइंटमेंट के आधार पर मरीज देखे जा रहे थे लेकिन 15 अप्रैल के बाद चरणबद्ध तरीके से अस्पतालों की ओपीडी बंद कर दी गई। अब नए सिरे से ओपीडी शुरू की जा रही है।
सभी अस्पतालों में बनेगी फीवर क्लीनिक
4 जून से सभी मंडल, जिला एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का उपचार शुरू हो जाएगा। इन अस्पतालों में फीवर क्लीनिक और फ्लू क्लीनिक अनिवार्य रूप से बनाई जाएगी। जिन मरीजों में कोरोनावायरस के लक्ष्ण होंगे उनकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव होने पर उनका उपचार अन्य मरीजों से अलग किया जाएगा। यह भी निर्देश दिया गया है कि जिन अस्पतालों की अभी तक रंगाई पुताई का कार्य धीमा है उसे 6 जून तक हर हाल में पूरा करा लिया जाए।
मरीज के शुरू होंगे ऑपरेशन
ओपीडी में आने वाले मरीजों को जरूरत के मुताबिक भर्ती कर सर्जरी शुरू की जाएगी। जो मरीज लंबे समय से सर्जरी के इंतजार में है उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। सर्जरी से पहले कोविड-19 की जांच अनिवार्य है।







