रामनगरी अयोध्या में भवन निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में तय हुआ कि राम मंदिर के परकोटे में पंचदेव के मंदिर बनाए जाऐंगे। परकोटे में कुल 6 मंदिर परकोटे में होंगे 6 मंदिर।पंच देव पूजा की पद्धति पर बनाए जाएंगे।राम मंदिर के गर्भगृह में रामलला की कोमल भाव की मूर्ति स्थापित होगी जिसकी ऊंचाई वैज्ञानिक तय करेंगे।वही राम जन्म भूमि परिसर में महर्षि बाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र और बाल्मीकि प्रतिमा की बनाया जाएगा।जिसमे संत तुलसीदास,निषादराज,माता शबरी और अहिल्या के साथ जटायु को भी राम मंदिर में स्थान मिलेगा। जटायु का कुबेर टीला पर मन्दिर बनेगा।रामलला के परकोटे में 6 मंदिर होंगे।और पंच देव पूजा की पद्धति पर मन्दिर बनाए जाएंगे।ट्रस्ट ने बताया कि भगवान राम के पूर्वज सूर्य भगवान सात घोड़ों के द्वारा खींचे जा रहे रथ का मंदिर होगा।
साथ ही भगवान सूर्य के अलावा गणपति,मां भगवती,भगवान शंकर,हनुमान जी इसके अलावा भगवान राम के रसोई में मां अन्नपूर्णा के विग्रह की स्थापना होगी।वही बैठक में स्थाई मूर्ति को लेकर चर्चा हुई हैं। भगवान राम की बालक स्वरूप कोमलता मूर्ति से हो प्रकट ऐसी लगाई जाएगी प्रतिमा। भगवान के नयन से चरण तक राम भक्तों को दिखाई दे ऐसा होगा कद। मूर्ति की ऊंचाई वैज्ञानिक तय करेगे।रामनवमी के दिन दोपहर 12:00 बजे भगवान राम के मस्तक को प्रकाशित करें सूर्य ऐसा भगवान के स्थाई मूर्ति का कद होगा। बैठक में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की नियमावली पर हुई हस्ताक्षर।पिछले 6 महीने से नियमावली को लेकर मंथन चल रहा था। नियमावली बनने के बाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों की हस्ताक्षर हुई। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के खाते का डिस्टलाइजेशन होगा। डोनेशन मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य आवश्यकताओं को किया जाएगा ऑनलाइन। टाटा कंसल्टेंसी ने डिस्टलाइजेशन के कार्य को लिया अपने हाथों में। टाटा कंसल्टेंसी और तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आपस में करार किया







