NIA ने किया बड़ा खुलासा ट्रेनिंग सेंटर्स में चलाए जा रहे आतंकी प्रशिक्षण कैंप..

NIA ने किया बड़ा खुलासा ट्रेनिंग सेंटर्स में चलाए जा रहे आतंकी प्रशिक्षण कैंप..

भारत में आतंकी प्रशिक्षण देने के लिए जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर्स का सहारा लिया जा रहा है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत देश के अलग-अलग कुछ राज्यों में इसी तरीके के ट्रेनिंग सेंटरों में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों का संचालन हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़ी जांच एजेंसियों के मुताबिक यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ही नहीं बल्कि नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों से लेकर दक्षिण में केरल समेत उत्तर भारत के राज्यों में भी आतंकियों के स्लीपर सेल के माध्यम से युवाओं को गुमराह कर आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फिलहाल आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तकरीबन तीन दर्जन जगहों पर छापेमारी में इस बात की पड़ताल हुई है। देश के कई राज्यों में चल रहे जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर अब देश की खुफिया और जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह पूरा आतंकी प्रशिक्षण शिविर युवाओं को बरगलाने और फिर उन्हें आतंकी प्रशिक्षण देकर देश में माहौल खराब करने के लिए तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पहली जानकारी अगस्त के महीने में सोशल मीडिया के माध्यम से तेलंगाना पुलिस को मिली कि कुछ युवा फेसबुक टि्वटर और इंस्टाग्राम के माध्यम से युवाओं को देश विरोधी हरकतों में शामिल कर रहे हैं। तेलंगाना पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान जब मामले की तफ्तीश की गई और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को बरगलाने वालों को जब पकड़ा गया, तो मामले का कुछ और ही सिरा सामने आया। तेलंगाना पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जांच में पता चला कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है। जो कि देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे थे। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद सारी जानकारी से केंद्रीय गृह मंत्रालय को अवगत कराया गया और मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई।

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एनआईए ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 32 से ज्यादा जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटरों पर रविवार को छापेमारी की। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान एनआईए ने चार संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया है। सूत्रों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ चल रही है। हालांकि खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों को तेलंगाना पुलिस ने हिरासत में सबसे पहले लिया था, उनसे ही एनआईए की पूछताछ के दौरान इस तरह की जानकारी सामने आई कि जूडो-कराटे ट्रेनिंग के माध्यम से देश में आतंकी प्रशिक्षण शिविर का संचालन हो रहा है। उसी के आधार पर एनआईए ने सबसे पहले आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में मिली जानकारी के ट्रेनिंग सेंटरों पर छापेमारी की और लोगों को हिरासत में लिया।
देश के कई राज्यों से जुड़े तार
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि युवाओं को बरगला कर जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर चल रहे आतंकी प्रशिक्षण शिविर में भेजने का मामला पहली बार सामने आया है। जानकारी के मुताबिक यह शिविर सिर्फ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ही नहीं चल रहे हैं। बल्कि उत्तर-पूर्व के कुछ राज्यों समेत केरल, तमिलनाडु, जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के भी इलाकों में ऐसे ही जूडो- कराटे ट्रेनिंग सेंटरों में आतंकी शिविरों के तार जोड़े जा रहे हैं। फिलहाल इन राज्यों के संदिग्ध जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर अब एनआईए के रडार पर आ गए हैं। जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनसे बहुत कुछ पता चलने वाला है। खासतौर से नए तरीके से तैयार होने वाले आतंकी शिविर और स्लीपर सेल के माध्यम से लोगों को बरगलाने की जो प्रक्रिया चल रही है वह भी खुलकर सामने आ रही है।

खुफिया विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बीते कुछ दिनों में जिस तरीके की बड़ी आतंकी घटनाएं या बड़े आतंकी लिंक सामने आए हैं उसमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के इन जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर का आपस में कनेक्शन भी ढूंढा जा रहा है। खास तौर से पंजाब, महाराष्ट्र और यूपी में हुए बीते कुछ समय के बड़े घटनाक्रमों से इसके तार जुड़ने की संभावनाएं बढ़ रही हैं। हालांकि अभी तक इस के कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। लेकिन जांच एजेंसी इस पूरे मामले में तफ्तीश कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अगले कुछ दिनों के भीतर देश के अलग-अलग राज्यों में ऐसे कई बड़े ऑपरेशन होंगे, जिसमें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के अलग-अलग जिलों में चलने वाले जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर के माध्यम से आतंकी प्रशिक्षण शिविरों के नेटवर्क का खुलासा हो सकेगा।

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सोशल मीडिया के जरिए करते हैं भर्ती
केंद्रीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आतंकी गतिविधियों में संलिप्त इन स्लीपर सेल से जुड़े लोगों की कार्यशैली बिल्कुल अलग है। सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से एक जाति विशेष से जुड़े लोगों को धार्मिक आधार पर जोड़ा जा रहा है। युवाओं को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया के फेसबुक, टि्वटर, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है। शुरुआती दौर में जो लोग इस माध्यम से आतंकी संगठनों के लोगों से संपर्क में आते हैं फिर उन्हें धर्म के आधार पर भड़काया जाता है। जानकारों का कहना है कि इसमें जो लोग उनके पैमाने पर खरे उतरते हैं, उन्हें अगले चरण के लिए चुना जाता है और उनसे व्यक्तिगत तौर पर संपर्क किया जाता है।
में आतंकी प्रशिक्षण देने के लिए जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर्स का सहारा लिया जा रहा है। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश समेत देश के अलग-अलग कुछ राज्यों में इसी तरीके के ट्रेनिंग सेंटरों में आतंकी प्रशिक्षण शिविरों का संचालन हो रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से जुड़ी जांच एजेंसियों के मुताबिक यह प्रशिक्षण शिविर सिर्फ आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में ही नहीं बल्कि नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों से लेकर दक्षिण में केरल समेत उत्तर भारत के राज्यों में भी आतंकियों के स्लीपर सेल के माध्यम से युवाओं को गुमराह कर आतंकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फिलहाल आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तकरीबन तीन दर्जन जगहों पर छापेमारी में इस बात की पड़ताल हुई है। देश के कई राज्यों में चल रहे जूडो-कराटे ट्रेनिंग सेंटर अब देश की खुफिया और जांच एजेंसी के निशाने पर आ गए हैं।

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तेलंगाना पुलिस को सोशल मीडिया पर मिली जानकारी
केंद्रीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह पूरा आतंकी प्रशिक्षण शिविर युवाओं को बरगलाने और फिर उन्हें आतंकी प्रशिक्षण देकर देश में माहौल खराब करने के लिए तैयार किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक पहली जानकारी अगस्त के महीने में सोशल मीडिया के माध्यम से तेलंगाना पुलिस को मिली कि कुछ युवा फेसबुक टि्वटर और इंस्टाग्राम के माध्यम से युवाओं को देश विरोधी हरकतों में शामिल कर रहे हैं। तेलंगाना पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इस दौरान जब मामले की तफ्तीश की गई और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को बरगलाने वालों को जब पकड़ा गया, तो मामले का कुछ और ही सिरा सामने आया। तेलंगाना पुलिस से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जांच में पता चला कि सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है। जो कि देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हो रहे थे। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद सारी जानकारी से केंद्रीय गृह मंत्रालय को अवगत कराया गया और मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई।

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