आदि गुरु शंकराचार्य की पावन गद्दी तथा भगवान कुबेर की मूर्ति सहित चल विग्रह उत्सव मूर्ति पांडुकेश्वर में पूजा अर्चना करने के बाद बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो गई हैं।
बताते चलें कि 18 मई को खुलने है बद्रीनाथ धाम के कपाट।इस अवसर पर शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखा जा रहा है








