कोआपरेटिव बैंक इम्पलाइज यूनियन उ0प्र0 के हाई पावर कमेटी की बैठक दिनांक 10.07.2022 दिन रविवार को रामनगरी अयोध्या मे जिला सहकारी बैंक लि0, फैजाबाद के परिसर मे सम्पन्न हुई। बैठक मे केन्द्रीय कार्यालय के पदाधिकारी, प्रदेश के नवीन बैंकिंग लाइसेन्स प्राप्त 16 जिला सहकारी बैंकों के यूनियन के पदाधिकारी व संरक्षकगण सर्वश्री राजेश्वर सिंह, बैजनाथ चौबे व महेश प्रताप सिंह सम्मिलित हुए।
बैठक मे प्रदेश के 50 जिला सहकारी बैंक के विलयनीकरण , 16 बैंकों के कर्मचारियो को कई दशको से वेतनमान पुनरीक्षण न होने, आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता उ0प्र0 के द्वारा दिनांक 07.01.2022 द्वारा किये गये कर्मचारियो के वेतनमान पुनरीक्षण 6 माह पश्चात भी जिला सहकारी बैंकों के प्रबन्धको द्वारा न किये जाने, जिला सहकारी बैंकों के कम्प्यूटरीकरण, आधुनिकरण के परिपेक्ष्य मे मानव संसाधन पर नाबार्ड द्वारा श्री आर अमरलोर – पावनाथन, उप प्रबन्ध निदेशक की अध्यक्षता मे गठित समिति की अनुशांसाओ पर बैंकों द्वारा कार्यवाही न करने, बैंकों के आधुनिकीकरण हेतु डिजिटल सेवाओ को उ0प्र0 सहकारी बैंक द्वारा मनमानी व अनियमित रूप से लागू करने, कम्प्यूटराईजेशन चीनी मिलो मे बैंकों मे की गई अनियमिनिताओ पर विचार विमर्श किया गया।
बैठक मे निम्न निर्णय लिये गये –
1. आयुक्त एवं निबन्धक, सहकारिता, उ0प्र0 लखनऊ ने अपने परिपत्रांक सी-69 दिनांक 07.01.2022 द्वारा जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियो के वेतनमान पुनरीक्षित किये है। नवीन बैंकिंग लाइसेन्स प्राप्त 16 जिला सहकारी बैंकों के कर्मचारियो के वेतनमान राज्य स्तरीय क्रियान्यवन समिति के द्वारा निर्णय लिया जाना है। इस समिति का गठन दिनांक 15.04.2015 को 3 वर्ष के लिए किया गया था जिसका कार्यकाल समाप्त हो गया है। समिति के निर्णयो के कारण यह 16 बैंक सुचारू रूप से नही चल पा रहे है। कार्यकाल समाप्त होने के कारण एस0एल0आई0सी0 को भंग कर दिया जाये तथा 16 बैंकों के वेतनमान पुनरीक्षण हेतु निबन्धक द्वारा निर्देशित किया जाये।
2. वेतनमान पुनरीक्षण को 6 माह व्यतीत हो चुके है। बैंक के अतिरिक्त प्रदेश के किसी बैंक मे यह वेतनमान बैंक के सचिवो/मुख्य कार्यपालक अधिकारियो के नकरात्मक रवैये के कारण लागू नही हो पाये है, जिसके कारण कई बैंकों मे कर्मचारी आन्दोलित है। निर्णय लिया गया कि प्रदेश के बैंाके के कर्मचारियो के वेतनमान पुनरीक्षण हेतु शासन/आयुक्त एवं निबन्धक सहकारिता/प्रबन्ध निदेशक शीर्ष बैंक द्वारा अविलम्ब कार्यवाही की जाये।
3. प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों मे एक दशक से अधिक वर्षो से कम्प्यूटराईजेशन का कार्य चल रहा है, स्तरहीन कम्पनी द्वारा विगत 14 वर्षो से इस कार्य मे स्तरहीन कार्य के कारण जिला सहकारी बैंकों मे बैंकिंग आधुनीकरण (डिजिटल इत्यादि) मे अन्य बैंकों के सापेक्ष बहुत पीछे है, नाबार्ड के द्वारा श्री अमरलोर – पावनाथन की अध्यक्षता मे गठित कमेटी ने सी0बी0एस0 के पश्चात बैकों मे आधुनिकीकरण आख्या से ज्ञात होता है कि प्रदेश मे आधुनिकीकरण मे जिला सहकारी बैंक अत्यन्नत पिछड़े हुए है। स्थिति यहाँ तक कि है कि यह आख्या मार्च 2019 मे निर्गत हुई थी लेकिन किसी भी बैंक ने इस आख्या को संज्ञान मे ही नही लिया लेकिन कर्मचारियो के वेतनमान पुनरीक्षण मे व्यवधान हेतु इस आख्या को संज्ञान मे लिया जा रहा है। निर्णय लिया गया कि नाबार्ड की उक्त आख्या के संदर्भ मे आधुनिकता मे पिछड़ने के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित की मांग करने का निर्णय लिया गया।
4. कम्प्यूटराईजेशन के कार्यन्यवन मे बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के साक्ष्य यूनियन ने सम्बन्धित को दिया है। अभी भी बैंकों मे डिजिटल इत्यादि सेवाओ को शीर्ष बैंक द्वारा जिला सहकारी बैकों पर थोपा जा रहा है। बैंकों द्वारा समस्त सुविधाए एक साथ लेने पर बहुत बचत होती है लेकिन उ0प्र0 कोआपरेटिव बैंक द्वारा पृथक-पृथक सुविधाये बैंकों मे थोपी जा रही है जो बैंकों को मंहगी पड़ रही है। इस भी तथ्य है कि एक ही कम्पनी शासन द्वारा नियुक्त नोडल एजेन्सी के माध्यम से कार्य कर रही है यह कम्पनी पर स्तरहीन कार्य व भ्रष्टाचार के आरोप रहे है। निर्णय लिया गया कि कम्प्यूटराईजेशन में भ्रष्टाचार के आरोपो की जांच कराई जाये एवं आधुनीकरण के कार्य मे शीघ्रता, मितव्ययता एवं पारदर्शिता बरती जाये।
5. प्रदेश के कुछ बैंकों मे ऐसी चीनी मिलो को वित्तपोषण किया गया है /किया जा रहा है जिनको अन्य व्यावसायिक बैंक , वित्तपोषित से इन्कार कर चुके है। इन चीनी मिलो ने अन्य व्यावसायिक (राष्ट्रीयकृत सहित) बैंकों का दिया नही चुकाया एवं डिफाल्टर होने पर एक मुश्त समझौता द्वारा एकाउन्टिंग मैनीपुलेशन किया है। यूनियन ने कई बार इस सम्बन्ध तमे शिकयाते की है लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। बैठक मे इन चीनी मिलो के वित्तपोषण मे बरती गई अनियमिनिताओ की जांच की मांग का निर्णय लिया गया।
उपरोक्त मांग पर यूनियन द्वारा समाधान का प्रयास किया जाता रहा है लेकिन उपरोक्त मांगे बैंक एवं कर्मचारियो के हितो के अनुकूल होते हुए भी मांगो की निरन्तर अपेक्षा की जा रही है। बैठक मे निर्णय लिया गया कि उपरोक्त मांगो पर यदि एक माह के अन्दर समाधान नही होता है तो यूनियन प्रदेश- व्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करेगी, जिसमे धरना, हड़ताल इत्यादि भी सम्मिलित होंगे।








