जिलाधिकारी की बीमार गाय की देखभाल के लगाई गई 7 डॉक्टरों की टीम, मचा हड़कंप

Spread the love

फतेहपुर जिले में भैंस खोजने के लिए कई थानों की फोर्स लगाने वाले आजम खान की तरह ही डीएम फतेहपुर की गाय बीमार होने का मामला सामने आया है। उनकी गाय बीमार हो गई तो सात डाॅक्टरों की टीम देखरेख के लिए लगा दी गई है। टीम गठन का पत्र वायरल होने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद सीवीओ की मनमानी बताई है। षड़यंत्र और दूषित मानसिकता का हवाला दिया है।

कार्यवाहक मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. एसके तिवारी का नौ जून के आदेश का पत्र वायरल हुआ है। इसमें प्रतिदिन के हिसाब से पशु चिकित्साधिकारी भिटौरा डाॅ. मनीष अवस्थी, ऐरायां के डाॅ. भुवनेश कुमार, उकाथू के डाॅ. अनिल कुमार, गाजीपुर के डाॅ. अजय कुमार दुबे, मलवां के डाॅ. शिवस्वरूप, असोथर के डाॅ. प्रदीप कुमार, हसवा के डाॅ. अतुल कुमार की ड्यूटी लगाई गई है।

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीएम की गाय की चिकित्सा के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम की ड्यूटी लगाई गई है। यह डाॅक्टर सनगांव के डाॅ. दिनेश कुमार को ड्यूटी के बाद फोन पर जानकारी देंगे। किसी की अनुपस्थिति पर उस दिन का काम डाॅ. सुरेश कुमार कनौजिया दमापुर कार्यभार देखेंगे। कार्य में शिथिलता नहीं बरतने की चेतावनी भी दी गई है।
डीएम ने कहा-मनमाने तरीके से हुआ है आदेश
डीएम अपूर्वा दुबे ने इस मामले में बताया कि उनके द्वारा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। कार्यवाहक सीवीओ ने मनमाने तरीके से आदेश किया है। आदेश की जांच की गई। दूसरे दिन आदेश निरस्त किया गया है। उन्हें आदेश की प्रतिलिपि भी नहीं भेजी गई है। षड़यंत्र और दूषित मानसिकता से काम किया गया है। यह पत्र ट्विटर के जरिए उनके संज्ञान में आया है। एडी प्रयागराज को सीवीओ और कार्यवाहक सीवीओ के लिए पत्राचार किया गया है। उनकी कार्यशैली पहले से अच्छी नहीं है। कई बार चेतावनी दी जा चुकी है।
डीएम की घुड़की पर सीवीओ को अटैक पड़ा
महकमे में चर्चा है कि तीन दिन पहले मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरडी अहिरवार को डीएम ने कड़ी फटकार लगाई थी। इसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और वह कानपुर में एडमिट हो गए। उसके बाद मुख्य पशु चिकित्साधिकारी का प्रभार डॉ. एसके तिवारी को मिल गया। डॉ. तिवारी ने डीएम के सामने अपने नंबर बढ़ाने के लिए यह पत्र जारी कर दिया। डॉ. अहिरवार और डॉ. तिवारी के बीच भी अक्सर तनातनी रहती है। डॉ. तिवारी वरिष्ठ होने के बावजूद डॉ. अहिरवार के अधीनस्थ कार्यरत हैं। विवाद का एक कारण यह भी हो सकता है।

और पढ़े  UP- पंचायत चुनाव की तारीखों को लेकर HC ने सरकार से किए सवाल, प्रशासक नियुक्त करने पर उठाया सवाल

Spread the love
  • Related Posts

    UP- एक और एनकाउंटर: एक लाख का इनामी भानु प्रताप सिंह एसटीएफ मुठभेड़ में ढेर, दर्ज थे 40 से अधिक मुकदमे

    Spread the love

    Spread the loveप्रयागराज एसटीएफ टीम ने रविवार देर रात अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश व कॉन्ट्रैक्ट किलर भानु प्रताप सिंह को मार गिराया। घायल…


    Spread the love

    अयोध्या- राम मंदिर ट्रस्ट पर घोटाले का आरोप, पुलिस को अभी तक नहीं मिली कोई लिखित शिकायत, ट्रस्ट का जवाब।

    Spread the love

    Spread the loveअयोध्या में राम मंदिर से दान के करोड़ों रुपये गायब होने के सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारी इस बारे…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *