मेघालय: भाजपा की बढ़ी ताकत तो बढ़े मंत्री पद के अरमान, 10 विधायक होने पर कैबिनेट में मांगी एक और कुर्सी

मेघालय में भाजपा ने अब सरकार में एक और मंत्री पद की मांग उठाई है। पार्टी का कहना है कि सत्ताधारी गठबंधन में अब उसके 10 विधायक हैं और वह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। ऐसे में उसे मंत्रिमंडल में पहले से ज्यादा जगह मिलनी चाहिए। राज्य के पशुपालन एवं पशु चिकित्सा मंत्री सनबोर शुल्लई ने बुधवार को कहा कि भाजपा के सभी विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा से मुलाकात कर अपनी मांग रखेंगे।

दो से बढ़कर 10 हुई विधायकों की संख्या
दरअसल, सितंबर में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के 12 में से आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद भाजपा के विधायकों की संख्या दो से बढ़कर 10 हो गई। वहीं, UDP के बाकी बचे चार विधायकों में से तीन पिछले महीने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो गए। इनमें से एक विधायक को सोमवार को मंत्री पद की शपथ भी दिलाई गई।
NPP को मंत्री बनाने पर ऐतराज नहीं
सनबोर शुल्लई ने कहा कि भाजपा को एनपीपी के किसी विधायक को मंत्री बनाए जाने से कोई परेशानी नहीं है। लेकिन जब गठबंधन में भाजपा दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, तो उसे भी उचित सम्मान और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। फिलहाल राज्य मंत्रिमंडल में भाजपा के दो मंत्री हैं। इनमें से एक पहले यूडीपी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।
मुश्किल वक्त में एनपीपी का साथ देने का दिया हवाला
शुल्लई ने कहा कि साल 2023 से भाजपा लगातार एनपीपी के साथ खड़ी रही है। उस समय भी पार्टी ने NPP का साथ नहीं छोड़ा, जब दूसरे दल मिलकर उसके बिना सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजनीतिक मुश्किलों के दौरान गठबंधन का साथ दिया है। ऐसे में अब पार्टी के विधायकों को मंत्रिमंडल में उचित जगह मिलनी चाहिए।

कैबिनेट फेरबदल से पहले भाजपा से नहीं ली गई राय
शुल्लई ने आरोप लगाया कि हाल ही में मंत्रिमंडल में फेरबदल और विभागों के बंटवारे से पहले एनपीपी ने अपने सहयोगी दल भाजपा से कोई चर्चा नहीं की। उनका कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में भाजपा को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) सरकार को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से लगातार सहयोग मिलता रहा है, लेकिन इसके बावजूद भाजपा विधायकों को उचित महत्व नहीं दिया जाना गठबंधन के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा मामला
शुल्लई ने बताया कि बुधवार को भाजपा विधायकों ने पार्टी के पूर्वोत्तर सह-प्रभारी राजीव बब्बर से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें राज्य के राजनीतिक हालात, मंत्रिमंडल में फेरबदल और विभागों के बंटवारे को लेकर पार्टी की नाराजगी से अवगत कराया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले पर दिल्ली में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से भी बातचीत की जाएगी। इसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री से भी की मुलाकात
भाजपा नेता ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और दोनों उपमुख्यमंत्रियों से भी मुलाकात की है। उनसे अनुरोध किया गया है कि भाजपा के सभी विधायकों के साथ एक बैठक बुलाई जाए, ताकि आपसी बातचीत से इस मुद्दे का हल निकाला जा सके। पार्टी चाहती है कि गठबंधन में उसे उसकी मौजूदा ताकत के हिसाब से प्रतिनिधित्व मिले।
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