अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार पर लगे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचने में कथित तौर पर मदद करने के आरोप में भारत के एक कारोबारी, उनकी पत्नी और कई भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को यह कार्रवाई की।
अमेरिका ने यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत की है। इस अभियान का मकसद ईरान को तेल निर्यात और अन्य आर्थिक गतिविधियों से होने वाली कमाई से रोकना है।
कैसे काम कर रहा था भारतीय नेटवर्क?
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, शर्मा और शाहिद चंडीगढ़ से इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। आरोप है कि उन्होंने कई देशों के अधिकारियों की पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी समुद्री रजिस्ट्रियां तैयार कीं। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, दंपती ने ऐसी वेबसाइटें बनाईं, जिन पर दावा किया जाता था कि वे अलग-अलग देशों की ओर से जहाजों का पंजीकरण, झंडा उपलब्ध कराने, नाविकों को प्रशिक्षण देने और जहाजों के वर्गीकरण जैसी सेवाएं देती हैं। हालांकि, संबंधित देशों ने उन्हें ऐसी सेवाएं देने की अनुमति नहीं दी थी।
आरोप है कि यह गतिविधियां 2014 में शुरू हुई थीं। उस समय दंपती ने कैरेबियाई देश डोमिनिका के समुद्री झंडा पंजीकरण प्राधिकरण के रूप में खुद को पेश करने की कोशिश की थी। 2023 में शर्मा ने सिंगापुर में एस्वातिनी मैरीटाइम अफेयर्स एंड इंटरनेशनल शिप रजिस्ट्री पीटीई लिमिटेड नाम से एक कंपनी स्थापित की। एस्वातिनी के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से इस संगठन से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया था। इसके बावजूद आरोप है कि यह संगठन ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों को पंजीकरण सेवाएं देता रहा।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ऐसी कई वेबसाइटों की भी पहचान की, जो अरूबा, गुयाना, माली, मोजाम्बिक, मलावी, सिंट मार्टेन और तिमोर-लेस्ते की ओर से समुद्री पंजीकरण सेवाएं देने का दावा करती थीं। अमेरिका का आरोप है कि कई प्रतिबंधित जहाजों ने इन फर्जी रजिस्ट्रियों का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद ईरानी तेल का परिवहन किया।
किन भारतीय कंपनियों और संस्थाओं पर कार्रवाई?
अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में ओशनिएक टेक्नोलॉजीज इंडिया, आर्यवर्त शिप मैनेजमेंट, प्रिसेप्ट ट्रेंड्स, पॉलिनेशिया मैरीटाइम, एलेक्सार्या फिनसर्व, एलेक्सार्या मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, विहाराबोटिंग और आर्यवर्त मैरीटाइम एंड एजुकेशनल ट्रस्ट समेत कई संस्थाएं शामिल हैं।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, ओशनिएक टेक्नोलॉजीज इंडिया का इस्तेमाल फर्जी जहाज रजिस्ट्रियां तैयार करने के लिए किया गया था। वहीं, शर्मा की गतिविधियों पर जांच और निगरानी बढ़ने के बाद शाहिद ने नेटवर्क से जुड़ी कई कंपनियों का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया था।
ईरान की मदद करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान की मदद करने वाले लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के साथ जमीन, समुद्र या हवाई रास्ते से जुड़ी गतिविधियों में मदद करने वालों को भी अमेरिकी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। बेसेंट ने एक्स पर लिखा, “जैसा कि हम कई बार कह चुके हैं, ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत या तो आप हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ।”
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा कि फर्जी जहाज पंजीकरण के जरिए पोत अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और समुद्री नियमों से बच सकते हैं। मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि ऐसे जहाजों के पास वैध बीमा नहीं हो सकता। समुद्री दुर्घटना होने पर इससे संबंधित देशों पर आर्थिक और पर्यावरणीय नुकसान की जिम्मेदारी आ सकती है।






