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मानसा में मारे गए एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा का 21वें दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो पाया। कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने सोमवार को झोटा के परिवार से मुलाकात की। परिवार ने मंत्री के समक्ष कैबिनेट के साथ सीधी बातचीत की मांग रखी है।
वहीं 4 नवंबर को राहुल गांधी के मानसा धरने में आने के मिले संदेश पर भीम सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के साथ उनका कोई मनमुटाव नहीं लेकिन उनका निवेदन है कि इंदिरा गांधी व बेअंत सिंह परिवार में से कोई भी व्यक्ति उनके पास न आए। वह पंथ के साथ जुड़े हैं, इस पर पंथ उनसे जवाब मांगेगा।
मंत्री खुड्डियां ने परविंदर सिंह झोटा के घर पहुंचकर करीब एक घंटा पारिवारिक सदस्यों से बात की। उन्होंने परिवार के साथ दुख साझा किया और हर तरह के सहयोग का वादा किया। मंत्री ने कहा कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करेगी। झोटा के पिता भीम सिंह और परिवार ने मंत्री को एक मांग पत्र भी सौंपा। भीम सिंह ने मंत्री से कहा कि यदि सरकार यह मामला हल करना चाहती है तो उनकी कैबिनेट के साथ बातचीत करवाई जाए। अन्यथा यह धरना और संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं पुलिस ने लक्खा सिधाना और मोहनजीत शेरो को अदालत में पेश करने के बाद एक दिन की रिमांड हासिल कर लिया है। सिधाना और शेरो को ऑनलाइन माध्यम से अदालत में पेश किया गया। यह मामला दलजीत सिंह की लाश को धरने वाली जगह पर हुए विवाद में पुलिसकर्मियों को जख्मी करने से जुड़ा है।
पुलिस ने अदालत से दस दिनों का रिमांड मांगा था। पुलिस ने दलील दी कि लक्खा सिधाना का मोबाइल बरामद करना है। हालांकि, अदालत ने यह मांग नामंजूर कर दी और दोनों को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।