त्रिपुरा के बॉक्सानगर में तस्करों के एक समूह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के तीन जवानों पर बेरहमी से हमला कर दिया। सोमवार को आशाबाड़ी इलाके में हुई इस घटना में तीनों जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने जवानों के हथियार छीनने की भी कोशिश की और सरकारी वाहन में जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।
पीछा किए जाने पर तस्कर अलग-अलग दिशाओं में भागने लगे। हालांकि, बीएसएफ जवानों ने मौके से करीब 400 मीटर दूर एक कथित तस्कर को पकड़ लिया। उसकी पहचान हिफजुर रहमान के रूप में हुई है। इसी दौरान रहीमपुर कांतामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट से तीन बीएसएफ जवान एक वाहन में बॉक्सानगर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे नाकाबंदी वाले स्थान पर पहुंचे, कथित तस्करों के एक समूह ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
तस्करी में शामिल थे बांग्लादेशी नागरिक
सूत्रों ने दावा किया कि आशाबाड़ी इलाके में रहकर सीमा पार तस्करी की गतिविधियों में शामिल कई बांग्लादेशी नागरिक भी हमले में शामिल थे। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आशाबाड़ी बीओपी से बीएसएफ के अतिरिक्त जवान मौके पर पहुंचे। इसके बाद हमलावर अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले।
हमले वाली जगह के ठीक सामने स्थित एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड होने की आशंका है। पुलिस और बीएसएफ के जवानों ने जांच के लिए फुटेज जुटाए हैं। घटना के बाद वरिष्ठ पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों ने बॉक्सानगर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने हमले से जुड़े हालात की समीक्षा भी की। बॉक्सानगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है।
हमले को लेकर क्या बोले सीएम माणिक साहा?
बीएसएफ जवानों पर हुए इस हमले के बाद आशाबाड़ी में डर और तनाव का माहौल है। इस घटना ने एक बार फिर सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की सुरक्षा और संगठित तस्करी नेटवर्क से पैदा हो रहे खतरे को लेकर चिंता बढ़ा दी है। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “मैं आशाबाड़ी में उपद्रवियों के एक समूह द्वारा हमारे बहादुर बीएसएफ जवानों पर किए गए बर्बर हमले की कड़ी निंदा करता हूं। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ इस तरह की हिंसक घटनाएं पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इनकी स्पष्ट रूप से निंदा की जानी चाहिए।”






