उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में अवैध असलहों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह का सुजानगंज थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शनिवार को कुरांवां नहर पुलिया के पास पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना शुभम सिंह उर्फ शिवा सिंह समेत पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो बंदूकें, 200 कारतूस, एक राइफल, प्रतिबंधित 9 एमएम पिस्टल, ग्लॉक पिस्टल और 7.58 लाख रुपये नकद बरामद किए। आरोपियों के पास से 11 मोबाइल फोन भी मिले।
सीओ गोल्डी गुप्ता ने बताया कि सरगना शुभम सिंह 2022 में बिहार के पटना जिले के बिहटा थाना क्षेत्र में अमनाबाद सोन नदी के कवरिया घाट और सोन टीला इलाके में गैंगवार में हथियारों की सप्लाई कर चुका है। यह गैंगवार अवैध बालू खनन और बालू की लीज में साझेदारी व वर्चस्व स्थापित करने को लेकर हुआ था। शुभम ने इस संघर्ष में इस्तेमाल राइफल, पिस्टल और कारतूस की खरीद-फरोख्त कर सप्लाई की थी। गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में सक्रिय था। इसके नेटवर्क के जरिये अलग-अलग घटनाओं को अंजाम देने के लिए हथियार पहुंचाए जाने की जानकारी जुटाई जा रही है।
कानपुर के हैरिस गन हाउस से भी जुड़े तार, अन्य राज्यों के तस्करों की तलाश
सीओ ने बताया कि पुलिस की जांच में कानपुर के हैरिस गन हाउस से भी कुछ हथियारों की सप्लाई का लिंक सामने आया है। गन हाउस के प्रोपराइटर अब्दुल्ला खान और गिरोह से जुड़े कुछ अन्य आरोपी वांछित हैं। इनकी तलाश में पुलिस टीमें लगाई गई हैं। वांछित आरोपियों के उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली और अन्य राज्यों से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गिरोह के हथियार खरीदने और सप्लाई करने वाले नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
शुभम सिंह के खिलाफ जौनपुर, बलिया, सुल्तानपुर, कानपुर, लखनऊ, मुजफ्फरनगर, बिहार और दिल्ली में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2011 से 2026 तक करीब डेढ़ दर्जन मामले पुलिस रिकॉर्ड में हैं। इनमें हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, कूटरचना और अवैध असलहा रखने व तस्करी से जुड़े मामले शामिल हैं।







