चर्चित निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता के निधन की खबर है। 30 अक्तूबर को उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा। दिग्गज निर्देशक संजय गुप्ता का निधन सिर में चोट लगने के चलते हुआ। फिल्ममेकर और FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर संजय गुप्ता के निधन की दुखद सूचना की पुष्टि की है। फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। अशोक पंडित ने निर्देशक संजय गुप्ता के निधन की खबर अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा करते हुए बताया कि संजय गुप्ता का घर पर सिर में चोट लगने के कारण निधन हो गया।
पुलिस ने क्या कहा?
वर्सोवा पुलिस थाना क्षेत्र की तरफ से जानकारी दी गई है कि हिंदी फिल्मों के निर्माता संजय गुप्ता बीती रात संतुलन बिगड़ने से गिर गए। घर पर हुए इस हादसे में उनके सिर में चोट लग गई। खून बहने के कारण उनकी मौत हो गई। घटना के समय उनके साथ बंगले में उनकी पत्नी, दो बेटे और घरेलू सहायिका मौजूद थे। हालांकि, रात में परिवार के सभी सदस्य सो रहे थे और इस कारण किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई। सुबह इस हादसे का पता चला। परिवार की ओर से किसी तरह का संदेह या शिकायत नहीं जताई गई है। संजय गुप्ता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वर्सोवा पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु के मामले में जांच शुरू कर दी है।
जन्मदिन के चंद दिन बाद दुनिया को कहा अलविदा
- संजय गुप्ता 57 वर्ष के थे। इसी महीने 23 अक्तूबर को उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था।
- बता दें कि निर्माता-निर्देशक का जन्म 23 अक्टूबर 1969 को मुंबई में हुआ था।
- उन्होंने कई चर्चित फिल्में बनाई थीं। उनकी लोकप्रिय फिल्मों में कांटे, शूटआउट एट वडाला, काबिल, आतिश, राम शास्त्र, जंग, जज्बा, जिंदा, हमेशा, मुसाफिर, दस कहानियां, मुंबई सागा और खौफ शामिल हैं।
- उन्होंने ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘प्लान’, ‘वुडस्टॉक विला’, ‘एसिड फैक्ट्री’ और ‘पंख’ जैसी फिल्में प्रोड्यूस की थीं।
बाइक के थे शौकीन, दोस्तों संग करते थे सैर
संजय गुप्ता को फिल्मों और सिनेमा के अलावा बाइक का शौक था। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट में इसकी झलक देखने को मिलती है। अक्सर दोस्तों की टोली के साथ वे बाइक राइड पर निकल जाया करते थे। बीते साल अक्तूबर में वे नई मोटरसाइकिल भी लेकर आए थे। उन्होंने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा था, ‘एक सच्चे बाइकर के लिए घर में नई बाइक आना, घर में नए बच्चे के आने जैसा होता है। बेशुमार खुशी, दिल में जोश, आंखों में चमक और धड़कता हुआ दिल। सड़क पर निकलने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं। अपने चेहरे पर हवा और दिल में एड्रेनालाईन का एहसास महसूस कर सकता हूं’।








