जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट ने श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील में पेट्रोल और डीजल से संचालित सभी प्रकार की मोटरबोट्स और जेट स्की के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश झील के लगातार घटते जलस्तर और बढ़ते जल प्रदूषण को रोकने के मद्देनजर दिया गया है। अदालत ने चेतावनी दी कि आदेश का उल्लंघन किए जाने पर अवमानना की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने झील में वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में सोलर और ई-बोट्स के उपयोग की संभावनाएं तलाशने को कहा है।
पीठ ने टिप्पणी की कि जलस्रोतों और झीलों का संरक्षण मौजूदा सभ्यता के लिए सबसे अहम चुनौती है। ऐसे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोकना अनिवार्य है। अदालत ने सुझाव दिया कि पर्यावरण व पर्यटन दोनों को सुरक्षित रखने के लिए सोलर और इलेक्ट्रिक बोट्स एक प्रभावी समाधान साबित हो सकती हैं। खंडपीठ ने वरिष्ठ अतिरिक्त महाधिवक्ता मोहसिन कादरी को निर्देश दिया कि वे 30 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई में यह रिपोर्ट दाखिल करें कि क्या सभी मशीनीकृत इंजनों को पूरी तरह से सौर ऊर्जा संचालित ई-इंजनों में तब्दील किया जा सकता है।








