मां की ममता से महफूज रहने की उम्र में छह माह की एक मासूम मंदिर के फर्श पर अकेली पड़ी थी। उसकी सिसकियां दीवारों से टकराकर गूंज रही थीं। तभी एक महिला के कानों तक उसकी रुलाई पहुंची। वह दौड़कर बच्ची के पास पहुंची, उसे गोद में उठाया और सीने से लगा लिया। जिस नन्ही जान को न जाने कब से किसी अपने की गोद का इंतजार था, वह अंजान महिला के सीने से लगते ही शांत हो गई। एक पल के लिए ममता ने उसे सहारा दे दिया, लेकिन उसे इस हाल में छोड़ जाने की निर्ममता का सवाल वहीं खड़ा रह गया। नवरात्र शुरू होने से ठीक एक दिन पहले हल्द्वानी के आंबेडकर नगर स्थित मंदिर में मिली मासूम अब शिशु सदन में विशेषज्ञों की निगरानी में है और अपनों का इंतजार कर रही है।
शिशु सदन में अपनों के इंतजार में मासूम
पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही तुरंत बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम को बुलाया। अधिकारी जब मौके पर पहुंचे तब वह भी हैरान रह गए। बच्ची के शरीर पर बस एक कपड़ा था और कुछ नहीं। टीम ने तुरंत बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा। यहां बच्ची को सर्दी लगने की बात सामने आई लेकिन दवा दे दी गई। इसके बाद बच्ची को शिशु सदन ले जाया गया। यहां विशेषज्ञ टीम की निगरानी में उसे रखा गया है।
मंदिर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही सभी अस्पतालों में बीते छह माह में हुए प्रसव का रिकॉर्ड भी देखा जा रहा है। दो टीमें बच्ची को छोड़कर जाने वालों की तलाश में जुटी हैं।-हरबंस सिंह, एसपी सिटी
बच्ची एकदम स्वस्थ्य है करीब सात किलोग्राम से अधिक उसका वजन है। शिशु सदन में उसे रखा गया है। उसके बायोलॉजिकल माता-पिता मिलते हैं तब उनसे संपर्क किया जाएगा, नहीं तो अगर कोई परिवार उसे गोद लेने की इच्छा जताता है तो उसे प्रक्रिया पूरी कर गोद दिया जाएगा। फिलहाल उसका पूरा ख्याल और भविष्य में देखरेख का जिम्मा संस्था का होगा।-वर्षा आर्या, जिला प्रोवेशनल अधिकारी, नैनीताल






