मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे आंदोलनकारी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर जमा होने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच अभिजीत दिपके को दिल्ली एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
भारत में अघोषित आपातकाल जैसे हालात’, सोनम वांगचुक ने और क्या चेतवानी दी?
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर भारत को ‘अघोषित आपातकाल’ की स्थिति में बताया। वांगचुक ने कहा कि उन्होंने प्रदर्शन से पहले एकता और शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे।
वांगचुक ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि कई नेता आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, लेकिन अब उन्हें पता चला है कि सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हिरासत में लिए गए लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शनकारियों को रविवार तक रिहा नहीं किया गया, तो वह अनशन या पदयात्रा करने पर विचार करने को मजबूर होंगे।
दिल्ली पुलिस ने बताया कहां-कहां हटा जाम, इन रास्तों पर यातायात हुआ सामान्य
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बीच यातायात को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई अपडेट जारी किए हैं। पुलिस के मुताबिक, राजधानी के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात सामान्य हो गया है। इनमें एम्स से आईएनए तक का अरविंदो मार्ग, आजादपुर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग चौराहा और बेगमपुर रेड लाइट शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि रिंग रोड पर मोती बाग के पास भी यातायात सामान्य है। इसके अलावा एम्स से सफदरजंग मकबरे के बीच अरविंदो मार्ग पर यातायात की स्थिति सामान्य हो गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और किसी तरह की अव्यवस्था की अफवाहों पर ध्यान न दें।
विरोध प्रदर्शन के दौरान 3000 से ज्यादा लोग हिरासत में
विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 3000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के अलग-अलग इलाकों में यह कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जताने के लिए जुटे थे। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की।
दिपके की मां ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल, कहा- क्या छात्र चंबल के डाकू हैं?
- पिता भगवान दिपके ने कहा कि हर भारतीय को कानूनी रूप से विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र का सम्मान नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि वह अपने बेटे के साथ मजबूती से खड़े हैं और उनके लिए अभिजीत चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे हैं।
- अभिजीत की मां अनीता दिपके ने भी पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके बेटे और अन्य लोगों को विमान के अंदर से हिरासत में लेने की क्या जरूरत थी। उन्होंने पूछा कि क्या दिल्ली में प्रदर्शन करने पहुंचे छात्र चंबल के डाकू हैं।
आपातकाल कहने की भी हिम्मत नहीं- आदित्य ठाकरे
शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि मौजूदा सरकार में इस स्थिति को आपातकाल कहने की भी हिम्मत नहीं है। उन्होंने यह टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत अन्य नेताओं की हिरासत की तस्वीर साझा करते हुए की।
करीब 1000 प्रदर्शनकारी हिरासत में
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने शहर के अलग-अलग इलाकों से करीब 1000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई राजधानी में कई जगहों पर की गई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पहचान और उन्हें रिहा किए जाने की मामले में कुछ भी नहीं पता चला है।
प्रियंका बोलींं- मोदी और शाह चला रहे तानाशाही
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि 254 सांसदों के साथ धक्का-मुक्की की गई और उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया। प्रियंका ने कहा कि विपक्षी दलों के अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया गया। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि राजधानी को चारों तरफ से घेरकर रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। ट्रेनों और मेट्रो को रोका गया, इंटरनेट बंद किया गया और जगह-जगह जांच चौकियां बनाई गईं। उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकार के तहत प्रदर्शन कर रहे युवक-युवतियों को पीटा गया और हिरासत में लिया गया।
प्रियंका ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में कथित धांधली के कारण सरकार जवाबदेही से डर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तानाशाही चलाने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि लोकतंत्र को कमजोर करने में सहयोग करने वाले लोग राष्ट्र के खिलाफ काम कर रहे हैं।
‘देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं’, रविशंकर प्रसाद बोले- सीजेपी आम आदमी पार्टी की प्रॉक्सी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बीच भाजपा ने सीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि देश संसद से चलेगा, सड़क से नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा प्रदर्शन के खिलाफ नहीं, बल्कि अराजकता के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीजेपी, आम आदमी पार्टी की प्रॉक्सी के तौर पर काम कर रही है और उसके प्रदर्शन से दिल्ली की जनता को परेशानी हुई है। रविशंकर प्रसाद ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके झूठ बोलने की हद हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान लोकतंत्र की मर्यादा भंग की गई। एसआईआर का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि नौ से अधिक देशों में भी यह प्रक्रिया अपनाई गई है और एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में कैसे हो सकता है? क्या घुसपैठियों को देश का मतदाता बनना चाहिए? प्रसाद ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को सांसद बनाया था। ये सभी बातें उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान विपक्ष और प्रदर्शनकारियों पर हमला बोलते हुए कहीं।





