3 अक्तूबर को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद से ही संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शनकारियों ने रविवार रातभर थाने के बाहर डेरा डाले रखा और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सोमवार सुबह पुलिस ने प्रदर्शनकारियों वहां से हटाना शुरू किया और कई प्रदर्नकारियों को हिरासत में लिया।
दिल्ली पुलिस के नाम से वायरल वीडियो फर्जी
दिल्ली पुलिस के जवानों द्वारा एक महिला के साथ कथित बदसलूकी का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो फर्जी निकला है। दिल्ली पुलिस ने रविवार को फैक्ट चेक जारी कर स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो का दिल्ली से कोई संबंध नहीं है और इसमें दिल्ली पुलिस के जवान शामिल नहीं हैं।
पुलिस ने फैक्ट चेक कर किया खंडन
पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। इसमें दावा किया गया है कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने एक महिला के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। वीडियो को दिल्ली पुलिस से जोड़कर कई पोस्ट और दावे साझा किए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने इन दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि वीडियो न तो दिल्ली का है और न ही इसमें दिल्ली पुलिस की कोई भूमिका है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और पोस्ट को बिना पुष्टि किए साझा न करें। दिल्ली पुलिस ने यह भी चेतावनी दी है कि भ्रामक पोस्ट साझा करने वाले सोशल मीडिया यूजर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।





