तीन दिन की छुट्टियों के कारण दिल्ली एनसीआर के पास के पहाड़ी राज्यों हिमाचल और उत्तराखंड के पर्यटन स्थलों पर सैलानियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। पर्यटन स्थलों के होटल फुल हैं, सड़कें जाम और पार्किंग में जगह नहीं है। एडवांस बुकिंग के बावजूद पर्यटक समय पर होटल नहीं पहुंच सके। पर्यटकों के सैलाब से पहाड़ों का दम बेशक फूल रहा है, लेकिन स्थानीय कारोबारियों का व्यवसाय चमक गया है। होटल, होम स्टे, रेस्तरां और टैक्सी कारोबार को भी रफ्तार मिली।
कुल्लू जिले में दो दिन में एक लाख से अधिक सैलानी पहुंचे और 11 हजार से ज्यादा टूरिस्ट वाहनों की एंट्री दर्ज की गई। होटल और होम स्टे की ऑक्यूपेंसी 90 फीसदी तक पहुंच गई। मनाली, कसोल और तीर्थन से लेकर रोहतांग और जलोड़ी दर्रा तक पर्यटकों की भारी भीड़ रही। मनाली में दो अक्तूबर को ग्रीन टैक्स बैरियर पर करीब 3,300 वाहनों की एंट्री हुई।
जागेश्वर धाम में पार्किंग हो गई फुल, सड़कों पर वाहन छोड़ा
जागेश्वर धाम में शनिवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। धाम के सभी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के चलते जागेश्वर की पार्किंग फुल हो गई। इसके बाद पुलिस और होमगार्ड के जवानों को यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आंकड़ों के अनुसार सितंबर महीने में 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जागेश्वर धाम पहुंचकर दर्शन किए थे।
आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर तीन घंटे तक लगा रहा जाम
देश के विभिन्न हिस्सों से यात्री आदि कैलाश दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में वाहनों का दबाव बढ़ते ही पिथौरागढ़-धारचूला-तवाघाट हाईवे पर जगह-जगह जाम लग रहा है। आदि कैलाश यात्रा का दूसरा चरण शुरू होते जाम देखने को मिला। तवाघाट चौराहे से ग्वालगांव के बीच जाम के कारण 500 मीटर का सफर तय करने के लिए भी लोगों तीन घंटे इंतजार करना पड़ा।
केलांग/सिस्सू। दुनिया की खूबसूरत झीलों में शुमार चंद्रताल को निहारने के लिए पर्यटकों की भीड़ उमड़ रही है। दो अक्तूबर को पर्यटक वाहनों की संख्या इतनी अधिक रही कि चंद्रताल जाने वाली सड़क पर कई घंटे तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को करीब 550 वाहन चंद्रताल पहुंचे।








