दिन बुधवार, 30 सितंबर… सुबह के करीब दस बजे मेरठ कचहरी में चहल-पहल शुरू हो चुकी थी। मीडिया का जमावड़ा था तो आम लोगों की भी निगाहें जिला अदालत के फैसले पर टिकी थीं। वजह थी वह हत्याकांड जिसने मेरठ से लेकर देशभर तक लोगों को झकझोर दिया था।
चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड, जिसे लोग नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से जानते हैं। आज इसी मामले में फैसला होना था। दोपहर ढाई बजे तक फैसले की उम्मीद थी, लेकिन इंतजार शाम तक खिंच गया। दोपहर करीब दो बजे वकील, मृतक सौरभ की मां, बड़े भाई और अन्य परिजन कोर्ट पहुंचे।
आखिरकार शाम करीब साढ़े चार बजे जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी।
सुबह से कचहरी में जुटती रही भीड़, फैसले पर टिकी रही हर नजर
उम्मीद थी कि दोपहर करीब ढाई बजे जिला अदालत फैसला सुना देगी, लेकिन समय बीतता गया और फैसला नहीं आया। दोपहर करीब दो बजे मृतक सौरभ की मां, बड़े भाई और अन्य परिजन भी अदालत पहुंचे। परिवार और लोगों की नजरें लगातार अदालत की ओर थीं।

शाम साढ़े चार बजे आया फैसला
अदालत ने दोनों पक्षों की अंतिम बहस और साक्ष्यों का अनुशीलन पूरा करने के बाद यह फैसला सुनाया। अब सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी और सजा का फैसला सुरक्षित रखा गया है।
जज के पहुंचते ही शुरू हुई मुस्कान और साहिल की वीसी
जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने पहले साहिल से पूछा- ‘आवाज आ रही है साहिल शुक्ला?’ साहिल ने हाथ उठाकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
इसके बाद जज ने मुस्कान से हाथ उठाने को कहा। फिर फैसले के दिन को लेकर सवाल किया- “आज फैसले का दिन आ गया है, क्या लग रहा है?”
मुस्कान ने जवाब दिया- ‘मुझे कुछ नहीं बोलना।’
अदालत ने कहा- अपराध समाज में डर का माहौल बनाता है
फैसला सुनाते समय अदालत की टिप्पणी में अपराध से समाज में डर का माहौल बनने की बात भी सामने आई। अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और घटनाक्रम के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी माना।
फैसला सुन रोते हुए बैरक लौटे आरोपी, एक दूजे से नहीं की कोई बात
24 फरवरी को लंदन से मेरठ लौटा था सौरभ
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इंद्रानगर निवासी सौरभ लंदन में नौकरी करता था। वह 24 फरवरी 2025 को मेरठ में बेटी की जन्मदिन के लिए अपने घर लौटा था। अभियोजन का आरोप था कि सौरभ के वापस आने के बाद पत्नी मुस्कान और साहिल के बीच संबंधों में वह बाधा बन रहा था। इसी के चलते दोनों ने उसकी हत्या की साजिश रची।
3 मार्च की रात हत्या, खाने में नशीली दवा देने का आरोप
अभियोजन के मुताबिक, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ के खाने में नशीली दवा मिला दी गई। इसके बाद जब वह बेसुध होकर सो गया तो मुस्कान ने साहिल को घर बुलाया। अभियोजन के अनुसार, दोनों ने धारदार हथियारों से सौरभ पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से किया सील
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने और साक्ष्य मिटाने के लिए उसके टुकड़े किए गए। आरोपियों ने अनाज रखने वाला बड़ा नीला प्लास्टिक ड्रम, सीमेंट, बालू और डस्ट खरीदी। अभियोजन के मुताबिक, शव के टुकड़ों को पॉलीथीन में लपेटकर ड्रम में रखा गया। इसके बाद सीमेंट के घोल से ड्रम को सील कर दिया गया।
हत्या के बाद शिमला-मनाली घूमने चले गए थे आरोपी
अभियोजन के अनुसार, वारदात के बाद दोनों आरोपी शिमला-मनाली चले गए थे। पुलिस जांच में इस यात्रा को भी घटनाक्रम की महत्वपूर्ण कड़ी माना गया।
18 मार्च को भाई की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा
सौरभ के भाई की तहरीर पर 18 मार्च 2025 को पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। 19 मार्च को पुलिस ने घर से नीले ड्रम में सीमेंट से जमा हुआ शव बरामद किया और मुस्कान रस्तोगी व साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया।
प्रत्यक्षदर्शी नहीं था, फिर भी अभियोजन ने रखे वैज्ञानिक साक्ष्य
मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी नहीं होने और संपत्ति विवाद में आरोपियों को फंसाए जाने का तर्क रखा था। वहीं अभियोजन पक्ष ने पुलिस विवेचना, चिकित्सकीय और फॉरेंसिक साक्ष्यों को आधार बनाया। जांच अधिकारियों की ओर से मामले से जुड़े साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत किए गए।
पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. दिनेश सिंह चौहान के बयान को भी अभियोजन के साक्ष्यों में शामिल किया गया। अभियोजन के अनुसार, सौरभ की मौत अत्यधिक रक्तस्राव और शॉक से हुई थी।
सौरभ की बुआ बोलीं- फांसी की सजा हो
फैसले के बाद सौरभ की बुआ कुसुम ने मुस्कान और साहिल के लिए फांसी की सजा की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके बच्चे के टुकड़े किए गए, उसी तरह मुस्कान और उसके भाई के भी टुकड़े होने चाहिए। उन्होंने आरोपियों को फांसी देने की मांग की।
अब सजा के फैसले का इंतजार
30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। फिलहाल सजा का फैसला सुरक्षित है।
घटनाक्रम की पूरी टाइमलाइन
24 फरवरी 2025: सौरभ लंदन से मेरठ स्थित अपने घर लौटा।
3 मार्च 2025: अभियोजन के अनुसार, सौरभ को खाने में नशीली दवा देने के बाद उसकी हत्या की गई।
4 मार्च 2025: शव के टुकड़ों को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील करने के बाद आरोपियों के शिमला-मनाली जाने की बात सामने आई।
18 मार्च 2025: सौरभ के भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ।
19 मार्च 2025: पुलिस ने घर से सीमेंट में जमा हुआ शव बरामद किया और मुस्कान व साहिल को गिरफ्तार किया।
30 सितंबर 2026, सुबह: फैसले को लेकर मेरठ कचहरी में मीडिया और आम लोगों की भीड़ जुटी।
30 सितंबर 2026, दोपहर: सौरभ की मां, बड़े भाई और अन्य परिजन कोर्ट पहुंचे। जेल से मुस्कान और साहिल की वीसी के जरिए पेशी शुरू हुई।
30 सितंबर 2026, शाम करीब 4:30 बजे: जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। अब सजा के बिंदु पर सुनवाई होगी।








