देश में मौजूदा समय में लगभग हर किसी की जुबान पर UPI पेमेंट की चर्चा है। जिसे देखों वो यूपीआई के बारे में बात कर रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि NPCI की तरफ से 2000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR यानी मर्चेट डिस्काउंट रेट लगाया जाएगा।
यूपीआई के नए नियम की मुख्य बातें:-
सवाल: UPI के कितने रुपये की ट्रांजैक्शन पर नहीं लगेगा चार्ज?
जवाब:जो ट्रांजैक्शन आप पर्सन टू पर्सन करेंगे, उस पर कोई भी चार्ज नहीं लगेगा
जैसे- आप अपने दोस्त, भाई-बहन, परिवार के लोगों आदि के यूपीआई या नंबर पर पेमेंट कर रहे हैं
तो इन ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा, फिर चाहे ये ट्रांजैक्शन कितने की भी हो
सवाल: कितने रुपये की ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज?
जवाब:चार्ज उन ट्रांजैक्शन पर लगेगा जो पर्सन टू मर्चेंट होंगी यानी कोई व्यक्ति दुकानदार को पेमेंट कर रहा है
जैसे- शॉपिंग, राशन की दुकान-स्टोर, मॉल आदि जगहों पर यूपीआई से होने वाली ट्रांजैक्शन
अगर आप ऐसी जगह पर 2000 रुपये से अधिक की ट्रांजैक्शन करते हैं, तो चार्ज लगेगा
सवाल: किसे देना होगा ये चार्ज?
जवाब:सरकार के मुताबिक, जो MDR यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट जारी किया गया है
वो ग्राहक को नहीं बल्कि, दुकानदार को देना होगा
यानी आप चाहे 2000 रुपये की पेमेंट यूपीआई के जरिए दुकानदार को करते हैं, तो आपको कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा और न ही दुकानदार आपसे कोई चार्ज ले सकता है
सवाल: क्या UPI एप्स अब आपसे कोई फीस लेंगे?
जवाब:नहीं, यूपीआई एप्स आपसे किसी भी पेमेंट पर किसी भी तरह का शुल्क नहीं ले सकते हैं
सरकार की तरफ से UPI एप प्रोवाइडर्स को UPI पेमेंट पर प्लेटफॉर्म फीस या कोई दूसरे चार्ज लगाने की सख्त मनाही है
सवाल: नया नियम क्या लागू हो चुका है?
जवाब: नहीं, फिलहाल नया नियम लागू नहीं हुआ है
यूपीआई पर लागू होने वाला ये नियम 15 अक्तूबर 2026 को लागू होगा
यानी 2000 रुपये से ऊपर की ट्रांजैक्शन पर जो शुल्क लगेगा, वो 15 अक्तूबर 2026 से लागू होगा
सवाल: कितने रुपये पर कितना MDR देना होगा?
जवाब: 2000 रुपये पर कोई MDR नहीं लगेगा यानी कोई शुल्क नहीं देना होगा
3000 रुपये पर 0.4% शुल्क लगेगा यानी आपको 12 रुपये देने होंगे
50000 रुपये पर 0.4% शुल्क लगेगा यानी 200 रुपये देने होंगे
इसी तरह 75000 रुपये या उससे ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर आपको अधिकतम 300 रुपये देने होंगे
नोट:- अगर आप 2000 रुपये से अधिक का पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं या इंश्योरेंस बीमा भरते है, तो फ्लैट 5 रुपये लगेगा।
सवाल: क्या इस चार्ज के लगने से दुकानों में सामान के दाम बढ़ जाएंगे?
जवाब: नहीं, मर्चेंट्स ज्यादा बिक्री और बिजनेस बढ़ाने के लिए पेमेंट प्रोसेसिंग की इस मामूली लागत को खुद वहन करते हैं
UPI MDR क्रेडिट कार्ड से काफी कम है और सिर्फ बड़े पेमेंट्स पर लगता है, इसलिए दुकानदारों के पास सामान के दाम बढ़ाने की कोई वजह नहीं होगी
सवाल: क्या लोकल वेंडर जैसे- सड़क किनारे लगने वाले ठेले या दुकानों पर ये चार्ज लगेगा?
जवाब: नहीं, अगर आप सड़क किनारे, लोकल मार्केट, रेहड़ी-पटरी या छोटी दुकानों पर लगे क्यूआर कोड पर पेमेंट करते हैं, तो ये पूरी तरह से फ्री होगा यानी जैसे आप अभी पैमेंट करते हैं वैसे ही रहेगा
उदाहरण के लिए अगर आप अभी 10 रुपये की चाय के लिए 10 रुपये देते हैं, तो 15 अक्तूबर के बाद भी इसकी कीमत 10 रुपये ही रहेगी
सवाल: छोटे दुकानदारों के लिए क्या है MDR की लिमिट?
जवाब: जिन दुकानदारों के पास GST नंबर नहीं है और जिनके QR कोड पर महीने में 1 लाख रुपये तक का UPI पेमेंट आता है
ऐसे दुकानदारों को Person-to-Person Merchant कैटेगरी में रखा जाएगा जिसकी वजह से इन दुकानदारों पर कोई MDR नहीं लगेगा
हालांकि, यदि कोई छोटा व्यापारी लगातार 3 महीने तक 1 लाख रुपये से अधिक का UPI लेन-देन करता है
तो ऐसे दुकानदार को ‘बड़ा मर्चेंट’ मान लिया जाएगा
इस वजह से उसके 2000 रुपये से बड़े ट्रांजैक्शन पर MDR वसूला जा सकता है







