प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपना 76वां जन्मदिन मना रहे हैं। केंद्र की सत्ता में रहते हुए यह उनका 13वां जन्मदिन है। गुरुवार सुबह से ही उन्हें देश-विदेश से बधाई मिलने का सिलसिला जारी है। अगर मोदी के पीएम के तौर पर कार्यकाल को देखा जाए तो बीते 12 वर्षों के अपने शासन में प्रधानमंत्री के तौर पर उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। फिर चाहे देश की अर्थव्यवस्था को गति देने की बात हो या इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने का विषय। इन पहलुओं के साथ पीएम मोदी ने निजी तौर पर भी कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
अभी कौन से रिकॉर्ड पीएम मोदी की पहुंच से दूर?
1. प्रधानमंत्री के रूप में कुल सबसे लंबा कार्यकाल
भले ही पीएम मोदी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार सबसे लंबे समय तक रहने वाले प्रधानमंत्री बनने के करीब हैं, लेकिन प्रधानमंत्री पद पर कुल दिनों के मामले में जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड अभी भी सबसे ऊपर है। जवाहरलाल नेहरू का कुल कार्यकाल (1947-1964) 16 वर्ष और 286 दिन का रहा है यानी कुल 6,131 दिन। इसी तरह इंदिरा गांधी ने भी अलग-अलग कार्यकालों में देश पर 15 साल से ज्यादा शासन किया है।
पीएम मोदी की स्थिति: मई 2014 से अब तक उनका कार्यकाल लगभग 12 वर्ष का हुआ है। नेहरू के इस कुल कार्यकाल के रिकॉर्ड को पार करने के लिए पीएम मोदी को साल 2030 के अंत तक देश का प्रधानमंत्री बने रहना होगा। यानी भाजपा का अगला लोकसभा चुनाव जीतना जरूरी होगा। साथ ही पीएम मोदी का 2029 के लोकसभा चुनाव के बाद अगले करीब दो साल तक लगातार प्रधानमंत्री बना रहना भी अनिवार्य होगा। तभी नेहरू का यह रिकॉर्ड टूटना संभव हो सकता है।
2. सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड
पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से अधिक (4,610 दिन) का समय बिताया, जो एक बड़ा रिकॉर्ड है, लेकिन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के सर्वकालिक इतिहास में उनसे आगे कई नेता हैं। सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग (24 वर्ष, 165 दिन) और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक (24 वर्ष, 99 दिन) के नाम भारत में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है। चूंकि पीएम मोदी अब पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति में हैं, इसलिए मुख्यमंत्री के इस व्यक्तिगत रिकॉर्ड में अब बदलाव होने की संभावना कम ही है।
3. लोकसभा चुनाव में किसी एक पार्टी द्वारा सर्वाधिक सीटें जीतने का रिकॉर्ड
चुनावी सफलता के मामले में भाजपा ने पीएम मोदी के नेतृत्व में 2014 (282 सीटें) और 2019 (303 सीटें) में पूर्ण बहुमत हासिल किया, लेकिन भारत के संसदीय इतिहास में एक पार्टी द्वारा सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अभी भी कांग्रेस के नाम है। यह जीत राजीव गांधी के समय में कांग्रेस को मिली थी। तब पार्टी ने 414 सीट जीत कर इतिहास रच दिया था। यह अब तक का रिकॉर्ड है, जिसे कोई भी दल या यहां तक कि गठबंधन भी नहीं तोड़ पाया है।
4. चार या अधिक कार्यकाल का रिकॉर्ड
पीएम मोदी इस समय अपने तीसरे कार्यकाल में हैं, जिससे उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के लगातार तीन बार प्रधानमंत्री चुने जाने के रिकॉर्ड की बराबरी की है। अगर वह 2029 में चौथे कार्यकाल के लिए निर्वाचित होते हैं, तो वह भारत के इतिहास में चार बार प्रधानमंत्री बनने वाले पहले नेता बनकर एक नया रिकॉर्ड कायम करेंगे और चार बार चुने जाने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे।





