मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। 44 सील भवनों में से बुधवार को छह भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बाजार की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई है।
पूरी हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सौंपेगी रिपोर्ट
अब आवास विकास परिषद 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान छह भवनों के ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट सौंपेगा। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के अनुसार, ये छह भवन पूरी तरह अवैध बने हुए थे और इनका नक्शा पास नहीं था, इसलिए इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
जेसीबी पड़ी छोटी तो पोर्कलेन मशीन से तोड़ा गया बिल्डिंग का हिस्सा
सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया।
एकटक निहारती रहीं निगाहें… बुलडोजर की कार्रवाई देख खामोश खड़ा रहा शिवम
ध्वस्तीकरण को लेकर व्यापारियों में रोष, बोले- आश्वासन के बाद भी हुई कार्रवाई

सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भवनों पर बुलडोजर चलाया गया।
कार्रवाई को लेकर व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ भी नाराजगी जताई। मौके पर व्यापारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। वहीं मौके पर पोकलेन मशीन का जैसे ही लाया गया व्यापारियों में रोष फैल गया। महिलाओं और व्यापारियों ने इसका विरोध जताया। हलांकि मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक न चली।
संयुक्त मेरठ बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष रविंद्र गुर्जर भी मौके पर पहुंचे
वहीं, एडीएम सिटी, एसपी सिटी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर बैठे हुए हैं। क्षेत्र में भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी है।
इधर, व्यापारियों ने अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है।







