ब्रिक्स सम्मेलन 2026: गंभीर अंदाज छोड़ हंसे जिनपिंग, स्वागत के दौरान PM मोदी ने सिर्फ इस नेता को लगाया गले

दिल्ली के भारत मंडपम में आज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कई जबरदस्त तस्वीरें सामने आईं। चूंकि ब्रिक्स की अध्यक्षता इस साल भारत के पास है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेहमानों के स्वागत में काफी व्यस्त रहे। हालांकि, इस सम्मेलन के दौरान कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जो कि नेताओं की कार्यशैली और उनकी बॉडी लैंग्वेज के बारे में काफी कुछ कह गईं। फिर चाहे नेताओं के आगमन के समय उनके विमान से उतरने की चाल हो या स्वागत के दौरान उनके पीएम मोदी से मिलने का अंदाज।

BRICS Summit Delhi PM Narendra Modi Xi Jinping Vladimir Putin Prabowo Subianto Body Language decoded in Photos
तस्वीरों पर नजर डाली जाए तो पीएम मोदी की सबसे बेहतरीन जुगलबंदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ दिखी। स्वागत के दौरान सिर्फ सुबियांतो ही ऐसे नेता रहे, जिन्हें मोदी ने गले लगाया। वहीं, शी जिनपिंग अपने चिर-परिचित कम अभिव्यक्ति दर्शाने वाले अंदाज में दिखे। ब्रिक्स सम्मेलन पर करीब से नजर रख रहे जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के प्रोफेसर डॉ. संजय पांडेय ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और वैश्विक नेताओं के चाल-चलन और रवैये के बारे में अमर उजाला से बात की।
1. जिनपिंग-पुतिन का हाथ थामे नजर आए पीएम मोदी
भारत मंडपम से सबसे ताकतवर और गैर-पारंपरिक तस्वीर पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन की बातचीत के दौरान हंसते हुए आई। जब कैमरे पर यह तस्वीर आई तब तीनों ही नेता आपस में किसी बात पर हंस रहे थे। इसी दौरान पीएम मोदी ने दोनों नेताओं का हाथ पकड़ लिया। भारत मंडपम से आई इस चर्चित तस्वीर में पीएम मोदी अपने दाहिने हाथ में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और बाएं हाथ में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का हाथ थामे दिखे, जो कूटनीतिक प्रोटोकॉल के बीच एक खास पल था। आखिर में तीनों ने औपचारिक पोज देकर फोटो खिंचाईं।
2. राष्ट्राध्यक्षों का किया स्वागत, सभी को कार्यक्रम स्थल तक छोड़ा
पीएम मोदी ने तमिलनाडु के रामनाथस्वामी मंदिर के बैकग्राउंड वाले स्वागत स्थल पर सभी नेताओं से हाथ मिलाया। थ्री-डी अंदाज में बैकग्राउंड में दिख रहे इस मंदिर का इतिहास भी काफी पुराना है। इसके 10वीं सदी में एक साधु के संरक्षण में होने की बात सामने आती है। यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और दक्षिण में मौजूद इकलौता ज्योतिर्लिंग है।
3. सिर्फ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से गले मिले पीएम मोदी
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने लगभग सभी नेताओं का स्वागत हाथ मिलाकर ही किया। हालांकि, जब इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो स्वागत स्थल पर पहुंचे तो पीएम मोदी ने गले लगाकर उनका अभिवादन किया।
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4. पुतिन के साथ की कदमताल
पीएम मोदी ने पुतिन का भी गर्मजोशी से स्वागत किया। रूसी राष्ट्रपति अपने चिर-परिचित अंदाज में तेजी से भारत मंडपम के गेट से स्वागत स्थल तक पहुंचे। इस दौरान हाथ मिलाने के बाद पीएम मोदी ने उन्हें कदम से कदम मिलाकर कार्यक्रम स्थल तक छोड़ा। पुतिन और पीएम मोदी के बीच काफी सहजता और मुस्कुराहट भरी बॉन्डिंग दिखी। दोनों नेता एक साथ चलते हुए, मुस्कुराते हुए और आपस में जीवंत चर्चा करते नजर आए।
5. जिनपिंग को रामनाथस्वामी मंदिर के बारे में समझाया 
पीएम मोदी और शी जिनपिंग की सबसे दिलचस्प तस्वीर स्वागत समारोह के दौरान ही आई। मंच पर स्वागत के दौरान पीएम मोदी फोटो खिंचाने के बाद जिनपिंग को बैकग्राउंड में दर्शाए गए रामनाथस्वामी मंदिर के धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व भी समझाते दिखे।विदेश मामलों के जानकार डॉ. पांडेय के मुताबिक, शी जिनपिंग आमतौर पर बहुत ही औपचारिक किस्म के नेता हैं, जो बहुत अधिक उत्साह या गर्मजोशी प्रदर्शित नहीं करते और हल्की मुस्कुराहट से ज्यादा अपने भाव नहीं दिखाते हैं। हालांकि, इस सम्मेलन में वे भी काफी सहज दिखे, सकारात्मक बातें कर रहे थे और उनके हाव-भाव भी सकारात्मक थे।

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6. ईरान-यूएई को एक मंच पर लाए, बराबर दी तवज्जो
डॉ. पांडेय के मुताबिक, ईरानी राष्ट्रपति का पीएम मोदी का हाथ पकड़े दिखना दर्शाता है कि बाहरी दबावों के बावजूद वे सहज भाव से पीएम मोदी से मिल सकते हैं और भारत अपने पारंपरिक व ऐतिहासिक संबंधों को स्वतंत्रता और मजबूती के साथ बनाए रख रहा है।ईरान के हमले झेलने वाले संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी ब्रिक्स के लिए अपने प्रतिनिधि के तौर पर अबुधाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयन को भी भेजा। उन्हें और ईरान के राष्ट्रपति को एक ही मंच पर लाना एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि और उच्च सांकेतिक मूल्य वाला पल रहा, जो भारत के मध्यस्थता कौशल को दर्शाता है।

7. पीएम मोदी का बॉडी लैंग्वेज
डॉ. संजय पांडे ने कहा कि पीएम मोदी विश्व नेताओं के साथ एक व्यक्तिगत संपर्क और आत्मीयता कायम कर लेते हैं। सम्मेलन के दौरान अधिकतर नेताओं की बॉडी लैंग्वेज काफी सकारात्मक और सहज रही।
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