कांगड़ा के पारिस्थितिकी तंत्र में मकड़ियों की 26 प्रजातियां पाई गई हैं। राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो बंगलूरू और चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कांगड़ा घाटी के पांच क्षेत्रों में अध्ययन किया। इनमें आठ परिवारों से संबंधित 26 प्रजातियां दर्ज की गईं।
मकड़ियों की संख्या में मौसम के अनुसार स्पष्ट बदलाव पाया गया। गर्मी और बरसात के मौसम में इनकी सक्रियता और संख्या बढ़ी, जबकि शरद और सर्दियों में गतिविधियां कम हो गईं। अगस्त के दूसरे पखवाड़े में मकड़ियों की सबसे अधिक संख्या दर्ज की गई।
ये विभिन्न कीटों का शिकार कर उनकी संख्या नियंत्रित करती हैं और इस तरह जैविक कीट व पर्यावरण को नियंत्रित में अहम भूमिका निभाती हैं। पालमपुर में मकड़ियों की विविधता सबसे ज्यादा रही।








