भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रात्रि 12 बजे जन्म हो चुका है। भगवान श्रीकृष्ण का यह 5253वां जन्मोत्सव है। देशभर के मंदिरों में भारी संख्या में लोग कान्हा के जन्म पर भजन-कीर्तन करते और झूमते हुए कान्हा के प्रेम में भाव-विभोर हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा का प्राक्ट्य पर्व जारी
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर कान्हा जी के विग्रह का अभिषेक जारी है। भगवान श्रीकृष्ण का यह 5253वां जन्मोत्सव है। देशभर के मंदिरों में भारी संख्या में लोग जन्माष्टमी पर भजन-कीर्तन करते हुए झूम रहे हैं। कृष्ण भक्त खुशी से झूम रहे हैं और लगातार आरती और भजन-कीर्तन कर रहे हैं।
कान्हा का जन्म अभिषेक जारी
जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी…भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रात्रि 12 बजे जन्म हो चुका है। भगवान श्रीकृष्ण का यह 5253वां जन्मोत्सव है। देशभर के मंदिरों में भारी संख्या में लोग जन्माष्टमी पर भजन-कीर्तन करते हुए झूम रहे हैं। कृष्ण भक्त खुशी से झूम रहे हैं और लगातार आरती और भजन-कीर्तन कर रहे हैं।
जन्माष्टमी पर खीरे का नाल छेदन
भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर खीरा के डंठल काटने की विधि को नाल छेदन कहा जाता है। कान्हा के जन्म समय डंठल को सिक्के से काटा जाता है। ऐसे में मान्यता है कि मां देवकी और बाल गोपाल की नाल काटते हैं। जैसे रात 12 बजता है नाल छेदन होता है।






