सुप्रीमकोर्ट से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद भव्य मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ और केंद्र सरकार के निर्देश पर पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया गया। करीब 2401 दिन यानी छह साल 209 दिन बाद ट्रस्ट का स्वरूप एक बार फिर बड़े बदलाव से गुजरा है। मंदिर निर्माण से लेकर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और निर्माण पूरा होने तक जिस टीम ने ट्रस्ट की कमान संभाली, अब उसमें व्यापक फेरबदल हो गया है।
राम मंदिर ट्रस्ट का इतिहास
- पांच फरवरी 2020- राम मंदिर ट्रस्ट का गठन
- पांच अगस्त 2020- राम मंदिर का भूमि पूजन
- 22 जनवरी 2024- रामलला की प्राण प्रतिष्ठा
- 25 नवंबर 2025- राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण
- पांच जून 2026- चढ़ावा चोरी की घटना चर्चा में आई
- 13 जून 2026- ट्रस्ट के आग्रह पर जांच के लिए एसआईटी गठित
- 23 जून 2026- एसआईटी ने 20 पन्नों की शुरुआती रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी
- 25 जून 2026- चोरी की एफआईआर दर्ज
- 26 जून 2026- चंपत राय और डॉ़ अनिल मिश्र का इस्तीफा
- दो सिंतबर 2026- राम मंदिर ट्रस्ट का नए सिरे से गठन, सीईओ की नियुक्ति






