बिहार: शिक्षा का मंदिर हुआ शर्मसार, 2 शिक्षक निलंबित; छात्राओं को ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करने का आरोप

बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल में दो सरकारी शिक्षकों पर नाबालिग छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो बनाने, उसे वायरल करने और कथित तौर पर ब्लैकमेल कर परेशान करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू करते हुए पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में जांच शुरू कर दी है। हालांकि, प्रधानाध्यापक की ओर से दिए गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की विद्यालय की छात्रा नहीं है। ऐसे में पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

डीईओ के निर्देश पर दोनों शिक्षक निलंबित

जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्र कुमार कर्ण के निर्देश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) ने बुधवार को दोनों शिक्षकों के खिलाफ अलग-अलग निलंबन आदेश जारी किए। आदेश के अनुसार सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) से संबद्ध कर दिया गया है।

 

निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षक नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पाने के हकदार होंगे। विभाग ने यह भी कहा है कि दोनों के खिलाफ जल्द ही औपचारिक आरोप पत्र गठित किया जाएगा और मामले में सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए संचालन और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग से की जाएगी।

 

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

यह मामला डुमरांव प्रखंड के मध्य विद्यालय, नथुनी अहिर के डेरा से जुड़ा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डुमरांव की ओर से पत्रांक 771, दिनांक 31 अगस्त 2026 के माध्यम से प्रतिवेदन भेजा गया था। ग्रामीणों की ओर से दिए गए आवेदन में सहायक शिक्षक विरेन्द्र प्रसाद और विद्यालय अध्यापक अरविन्द कुमार पर छात्राओं के साथ छेड़खानी करने, आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने जैसे आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों शिक्षक नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर प्रलोभन देकर अपने संपर्क में लाते थे और बाद में वीडियो के जरिए दबाव बनाते थे।

आरोप यह भी है कि कथित ब्लैकमेलिंग के दौरान लड़कियों पर अपनी सहेलियों को साथ लाने के लिए दबाव बनाया जाता था। ग्रामीणों के अनुसार दोनों शिक्षक डुमरांव के आसपास के गांवों के रहने वाले हैं और रोजाना गांव से स्कूल आते-जाते थे। आरोप है कि स्कूल परिसर से बाहर किराये के मकान और होटल में ऐसी गतिविधियां की जाती थीं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले में पुलिस की जांच जारी है।

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वायरल ऑडियो में क्या है दावा?

मामले के बीच एक शिक्षक का कथित ऑडियो भी वायरल हो रहा है। ऑडियो में एक व्यक्ति नशे में लड़खड़ाती आवाज में गांव के कुछ युवकों से बातचीत करता सुनाई देता है। वह खुद को पूरे जिले का पति बताने और कई लड़कियों से संबंध होने की बात करता सुनाई देता है। ऑडियो में बातचीत के दौरान जब युवक उससे वीडियो मांगते हैं तो वह वीडियो देने से इनकार करता है। बार-बार पूछे जाने पर वह कथित तौर पर दो लड़कियों के नाम भी लेता है। हालांकि, वायरल ऑडियो की सत्यता और उसमें मौजूद व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एक शिक्षक पहले भी जा चुका है जेल

बताया जा रहा है कि दोनों शिक्षकों में से एक विवाहित है। उसके बारे में ग्रामीणों का कहना है कि वह पहले भी अपने ही गांव की एक लड़की से छेड़खानी के आरोप में जेल जा चुका है। वहीं दूसरा शिक्षक अविवाहित बताया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बदनामी और लोकलाज के डर से परिजनों ने शुरुआती दौर में पुलिस से शिकायत नहीं की, जिसके कारण मामला दबा रहा। बाद में जब कथित वीडियो इलाके में वायरल हुआ तो बुधवार को ग्रामीण थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वीडियो कई दिनों से वायरल था, लेकिन समय रहते इस पर प्रभावी संज्ञान नहीं लिया गया। आरोप है कि प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी की ओर से केवल जिला शिक्षा पदाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई, जबकि ऐसी स्थिति में स्कूल प्रशासन या संबंधित शिक्षा पदाधिकारी को थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए थी। अब मामले में पुलिस वायरल वीडियो, ऑडियो और परिजनों के बयानों समेत उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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प्रधानाध्यापक के प्रतिवेदन में सामने आया अलग पक्ष

मामले में प्रधानाध्यापक की ओर से दिए गए प्रतिवेदन में कहा गया है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही लड़की विद्यालय की छात्रा नहीं है। विभाग ने इस बिंदु को भी जांच का हिस्सा बनाया है। विभागीय जानकारी के मुताबिक संबंधित दोनों शिक्षकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से भी कारण पृच्छा की गई है।

राजकीय शिक्षक पुरस्कार पर भी कार्रवाई

मामले का असर राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 पर भी पड़ा है। मध्य विद्यालय, नथुनी अहिर के डेरा के चयनित प्रधानाध्यापक मु. इमाम अली अंसारी को राजकीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से वंचित करने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है।

 

 

विभागीय स्तर पर मामले से संबंधित रिपोर्ट और आरोपों की जांच की जा रही है। फिलहाल दोनों शिक्षकों के निलंबन के साथ पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ रही है। पुलिस की जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो, ऑडियो और शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।

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