नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अलग-अलग टोल प्लाजा पर कथित टोल कलेक्शन फर्जीवाड़े की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत उत्तर प्रदेश समेत सात राज्यों और क्षेत्रों में 14 ठिकानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
बिना अनुमति सॉफ्टवेयर से टोल रसीदों में फर्जीवाड़े का आरोप
केस दर्ज होने के बाद जांच 19 मई 2025 से शुरू हुई थी। इसमें कथित तौर पर ऐसे अनधिकृत सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के इस्तेमाल का पता चला, जिनके माध्यम से बिना अनुमति टोल रसीदें तैयार की जाती थीं। टोल से प्राप्त रकम को आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर भेजे जाने का आरोप है।
ईडी के मुताबिक, फोरेंसिक जांच और NHAI से प्राप्त रिकॉर्ड में इस तरह के सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े संभावित ठिकानों की पहचान कर एक साथ तलाशी की कार्रवाई शुरू की।
1.03 करोड़ रुपये नकद और डिजिटल डिवाइस बरामद
ईडी की कार्रवाई के दौरान अब तक सभी तलाशी वाले ठिकानों से 1.03 करोड़ रुपये नकद, संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए हैं। एजेंसी इन बरामद सामग्रियों की जांच कर रही है। इससे कथित टोल फर्जीवाड़े में शामिल लोगों और पूरे नेटवर्क से जुड़ी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।






