पंजाब एंड सिंध बैंक की रामनगर शाखा में साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों का बड़ा मामला सामने आया है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर बैंक के 35 खातों के संबंध में साइबर ठगी से संबंधित 129 शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस ने सभी खातों को संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है। एक खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
कोतवाल सुशील कुमार के मुताबिक पुलिस की जांच में एक ही संदिग्ध खाताधारक के खिलाफ करीब 11 शिकायतें मिली हैं। जांच में बैंक खाता संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। अन्य 34 खाताधारकों और बैंक मैनेजर की भूमिका को भी संदिग्ध मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
जनवरी से बंद है खातों में लेन-देन
साइबर सेल के एनसीआरपी में शिकायतें मिलते ही संबंधित बैंक को इसकी जानकारी दी गई थी। सूचना मिलते ही बैंक की ओर से सभी खातों को फ्रीज कर लेन-देन की प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर दिया था। इसके बाद से पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
फर्जी अकाउंट होने की आंशका
पूरे मामले में बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार जिस एक संदिग्ध खाताधारक के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है, उस व्यक्ति को धनराशि के विषय में जानकारी ही नहीं मिली है। साथ ही 35 बैंक खातों में करंट अकाउंट भी बनाए गए हैं। क्या इन खातों को बनाने के लिए मानक पूरे किए गए हैं या फर्जी तरीके से अकाउंट बनाए गए हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।
ठगी के मामले में सभी 35 खातों के लेन-देन को फ्रीज कर दिया है। एक खाताधारक के खिलाफ 318 (4) बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अन्य खातों और बैंक मैनेजर भी भूमिका संदिग्ध मिली है। मामले की जांच की जा रही है। – सुशील कुमार, कोतवाल, रामनगर
पूरे जिले में करीब 100 म्यूल खाते मिलने की बात सामने आई थी। सभी थानाें को उनकी सूचियां भेज दी गई हैं। रामनगर के बाद अन्य थानों में भी जल्द प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी होगी। – मीनू गौतम, सीओ साइबर, नैनीताल








