नेपाल बाढ़ में 389 की मौत, 290 भारतीय लापता, भारतीयों की मदद के लिए भारत सरकार ने बनाया कंट्रोल रूम

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नेपाल में बुधवार को आई भयंकर त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा 350 के पार पहुंच गया है। तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ अपने रास्ते में सबकुछ बहाकर ले गई। इस बाढ़ में कई पुल, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए। एक हजार के करीब लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और इनमें 290 भारतीय भी शामिल हैं।

 

 

विदेश मंत्रालय ने जारी किए लापता लोगों के नाम

नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच त्रिशूली-1 परियोजना में काम करने वाले 63 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 63 भारतीय नागरिकों के नाम जारी किए हैं।
त्रिशूली-1 परियोजना से बचाए गए 63 भारतीय नागरिकों के नाम

  1. सुरेश सिंह राजपूत
  2. सुमित कुमार खरे
  3. मुकेश कुमार
  4. सचिन कुमार
  5. जश्मंत सिंह
  6. चैनल तिवारी
  7. देवन कुमार शाह
  8. अमरेंद्र कुमार यादव
  9. ओम प्रकाश यादव
  10. संपत कुमार
  11. नीरज कुमार ठाकुर
  12. जय हंसदा
  13. सुनील कुमार सिंह
  14. उपेंद्र बरनवाल
  15. राहुल कुमार गुप्ता
  16. नीरज कुमार पटेल
  17. सुवनेश्वर आलम
  18. उपेंद्र भसीन
  19. योगेश कुमार
  20. एमडी अकरम आलम
  21. एमडी इनामुल हक
  22. अभिषेक कुमार
  23. अभिषेक यादव
  24. मंगल सिंह
  25. पंकज कुमार शाह
  26. निलेश कुमार
  27. आशुतोष मनोहर उपाध्याय
  28. लक्ष्मण तिवारी
  29. गंगुली पटेल
  30. इंद्रजीत कुमार
  31. ज्ञान सिंह
  32. जय कृष्णा
  33. नागेश तल्लूर
  34. शाहरुख
  35. निपेंद्र मंडल
  36. सद्दाम हुसैन
  37. राज कुमार तिवारी
  38. आलोक कुमार शाह
  39. अरुण कुमार शाह
  40. सत्येंद्र कुमार सिंह
  41. बिट्टू कुमार
  42. आदि अबेद बासुमतरी
  43. केके पांडे
  44. अभिषेक तिवारी
  45. आकाश
  46. प्रदीप
  47. रंजन कुमार
  48. पवन लोधी
  49. अनिल
  50. विजय प्रसाद
  51. नारायण बहादुर
  52. जनेश्वर सिंह
  53. सुनील गिरी
  54. रोशन कुमार
  55. विश्वामर सिंह
  56. सुशील मुस्तफा
  57. नीलेश
  58. प्रमोद गुप्ता
  59. जितेंद्र राम
  60. नितेश कुमार सिंह
  61. निजामुद्दीन
  62. कवि कुमार
  63. रोहित वर्मा
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09:17 PM, 27-Aug-2026

अबतक कितने भारतीय सुरक्षित निकाले गए?

नेपाल में बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों को लेकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। 27 अगस्त 2026 को रात आठ बजे के अपडेट के अनुसार, 290 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पा रहा है। राहत की बात यह है कि त्रिशूली-1 परियोजना के 63 भारतीय कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 लोग सुरक्षित बचाए गए हैं। भारतीय नागरिकों की तलाश और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास लगातार जारी हैं।

भारतीयों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय ने बनाया कंट्रोल रूम

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के बाद भारतीय नागरिकों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम स्थापित किया है। 27 अगस्त शाम 6:45 बजे तक 285 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि त्रिशूली-1 परियोजना के 33 कर्मचारियों और तमिलनाडु के 21 लोगों को बचाया गया है। मंत्रालय ने सहायता के लिए फोन, व्हाट्सऐप और ईमेल नंबर जारी किए हैं। काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावासों में भी 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की गई है। बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है।

पीएम बालेन शाह ने बाढ़ प्रभावित नुवाकोट का दौरा किया

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा किया और जारी खोज एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने बट्टार बाजार स्थित सेना प्रशिक्षण केंद्र में अधिकारियों से मौजूदा हालात की जानकारी ली। नुवाकोट के देवीघाट इलाके में बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सड़कें और मकान क्षतिग्रस्त होने से कई परिवार बेघर हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कुछ लोग अब भी लापता हैं। एक निवासी जनक बहादुर नेपाली ने बताया कि उनका घर पूरी तरह तबाह हो गया है और लोगों को भोजन व रहने की व्यवस्था में परेशानी हो रही है।

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नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 332 हुई, लापता लोगों की तलाश जारी

बुधवार को आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या गुरुवार को बढ़कर 332 हो गई। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने लापता लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी रखा है। सबसे ज्यादा शव चितवन और नवलपरासी ईस्ट में बरामद किए गए हैं। अधिकारियों की ओर से प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

बाढ़ के बाद राहत अभियान तेज, काठमांडो से 40 से ज्यादा निजी हेलिकॉप्टर उड़ानें

नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। गुरुवार को काठमांडू के त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 40 से ज्यादा निजी हेलिकॉप्टरों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए उड़ान भरी। इनमें रासुवा समेत कई प्रभावित क्षेत्र शामिल हैं।

नेपाल सेना इन उड़ानों का समन्वय कर रही है। राहत सामग्री को संग्रह केंद्र से निजी हेलिकॉप्टरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सेना की 14वीं बटालियन संभाल रही है। दोपहर दो बजे तक 40 से ज्यादा उड़ानें पूरी हो चुकी थीं, जबकि 20 से अधिक हेलिकॉप्टर हवाई अड्डे पर तैयार रखे गए थे।

गृह मंत्रालय भी राहत और बचाव के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद कुछ हेलिकॉप्टरों को इस्तेमाल करने की तैयारी में है। नेपाल सेना के हेलिकॉप्टर लगातार प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों को निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 270 हो गई है। नेपाल पुलिस के अनुसार, गुरुवार को 93 और शव बरामद किए गए। सुरक्षाकर्मी और स्थानीय लोग मलबा हटाकर बंद सड़कों को फिर से खोलने में जुटे हैं।

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