याचिका में वेंडर्स का समय-समय पर सर्वे कराने, टाउन वेंडिंग कमेटी का नियमानुसार गठन करने तथा उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना स्ट्रीट वेंडर्स को हटाने या उनका सामान जब्त नहीं करने की मांग उठाई गई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि कानूनी प्रावधानों के अनुसार पहले स्ट्रीट वेंडर्स का सर्वे होना है और इसके बाद टाउन वेंडिंग कमेटी में वेंडर्स के प्रतिनिधियों का निर्वाचन किया जाना है। याचिका में कहा कि कई स्थानों पर निर्वाचन के बजाय चयन के माध्यम से समितियों का गठन किया जा रहा है।
याचिका में सर्वे के दौरान प्रत्येक वेंडर की पहचान, उसकी लोकेशन की जियोटेगिंग और फोटोग्राफी किए जाने तथा इसके बाद वेंडिंग जोन निर्धारित किए जाने की बात कही गई है। याचिकाकर्ता की ओर से यह व्यवस्था नैनीताल के साथ हल्द्वानी, देहरादून, हरिद्वार सहित पूरे प्रदेश में लागू किए जाने की मांग की गई है। इसके अलावा फेडरेशन ने नगर निकायों द्वारा वेंडर्स का सामान हटाने और जब्त करने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। याचिका में कहा कि खराब होने वाली सामग्री को नष्ट करने या अन्य सामान जब्त करने से पहले स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट और संबंधित नियमों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।