प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए अपने पहनावे से भी खास संदेश दिया। सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन जैकेट के साथ उनकी लाल टाई-एंड-डाई रंग की ‘बंधेज’ पगड़ी ने सबका ध्यान खींचा। राजस्थानी और गुजराती परंपरा से जुड़ी इस पगड़ी में भारतीय संस्कृति और विविधता की खूबसूरत झलक देखने को मिली। खास बात यह है कि स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी की पगड़ी अब उनके पहनावे का एक अलग पहचान बन चुकी है, जिसमें हर साल देश के अलग-अलग हिस्सों की पारंपरिक कला और रंग नजर आते हैं।

सफेद कुर्ते और चॉकलेट ब्राउन जैकेट के साथ खास अंदाज
स्वतंत्रता दिवस पर पगड़ी बनी मोदी की खास पहचान
2025: चमकदार राजस्थानी लहरिया पगड़ी
2024: रंग-बिरंगी पगड़ी
2024 में भी प्रधानमंत्री मोदी की पगड़ी ने स्वतंत्रता दिवस के लुक में खास आकर्षण जोड़ा और उनकी पारंपरिक शैली को आगे बढ़ाया।
2023: बांधनी प्रिंट वाली पगड़ी
2023 में उन्होंने पीले, हरे और लाल रंगों के शेड्स वाली बांधनी प्रिंट की पगड़ी चुनी थी। इसे उन्होंने काली वी-नेक जैकेट के साथ पहना था।
2022: केसरिया पगड़ी और नीली जैकेट
2022 में उन्होंने लाल डिजाइन और लंबे लटकते हुए सिरों वाली केसरिया पगड़ी पहनी थी। इसे उन्होंने नीली जैकेट और स्टोल के साथ मैच किया था।
2021: क्रीम और केसरिया रंग का मेल
2021 में क्रीम और केसरिया रंग की पगड़ी उनके हाफ-स्लीव कुर्ते के साथ खूब जंची थी।
2020: सफेद स्कार्फ
2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने केसरिया बॉर्डर वाले सफेद स्कार्फ का इस्तेमाल चेहरे को ढकने के लिए किया था।
2019: पारंपरिक रंगों की झलक
2018: केसरिया रंग की दमदार छाप
2018 में केसरिया रंग ने उनकी पगड़ी में एक दमदार और खास छाप छोड़ी।
2017: गहरे लाल और पीले रंग की पगड़ी
2017 में उन्होंने गहरे लाल और पीले रंग की पगड़ी चुनी थी, जिसमें पारंपरिक भारतीय रंग संयोजन नजर आया।
2016: गुलाबी-पीली टाई-एंड-डाई पगड़ी
2016 में उन्होंने गुलाबी और पीले रंग की टाई-एंड-डाई पगड़ी पहनी थी।
2015: पीली और बहुरंगी क्रिस-क्रॉस पगड़ी
2015 में उन्होंने पीली और कई रंगों वाली क्रिस-क्रॉस पगड़ी पहनी थी।
2014: जोधपुरी बांधेज पगड़ी से हुई शुरुआत
2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर अपने पहले स्वतंत्रता दिवस पर नरेंद्र मोदी ने गहरे लाल रंग की जोधपुरी बांधेज पगड़ी पहनी थी। इसके बाद हर साल उनकी पगड़ियों में रंगों और शैलियों की खास विविधता देखने को मिली।







