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राममंदिर के सीईओ पद के लिए प्रशासनिक अनुभव के साथ अभ्यर्थियों की भगवान राम के प्रति आस्था भी परखी जा रही है। मंगलवार को शुरू हुए साक्षात्कार के पहले दिन पूर्व आईपीएस अफसर राजेश पांडेय, जौनपुर के पूर्व डीएम दिनेश चंद्र, अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा समेत 10 पूर्व वरिष्ठ अफसरों का इंटरव्यू हुआ। इनमें एक महिला अधिकारी तथा सैन्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े चार अधिकारी भी शामिल रहे।
राजेश पांडेय एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी रहे हैं। लखनऊ, अलीगढ़, मेरठ में एसएसपी रहे राजेश 80 से ज्यादा एनकाउंटर में शामिल रहे। सुबह नौ बजे शुरू हुए इंटरव्यू में हर अभ्यर्थी से 25 से 30 मिनट तक बातचीत हुई।
बंद कमरे में साक्षात्कार… बेहतर कैसे बनाएंगे मंदिर की व्यवस्था
– आवेदकों से धार्मिक व सामाजिक संस्थानों के संचालन, मंदिर के प्रति आस्था और मंदिर की व्यवस्थाओं की कार्ययोजना पर सवाल पूछे गए।
– चयन समिति के सदस्य सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े व सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी ने इंटरव्यू लिया। सीईओ पद के लिए 5300 से अधिक आवेदकों में से 18 अभ्यर्थी शॉर्टलिस्ट किए गए हैं।
इन सवालों से परखी जा रही योग्यता, तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रक्रिया के अभ्यर्थियों के लिए 34 सवालों वाले साक्षात्कार वाला प्रारूप तैयार किया था। तीन सदस्यीय चयन समिति (सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी) की ओर से लिए गए इंटरव्यू में भीड़ प्रबंधन, धार्मिक जुड़ाव, नेतृत्व क्षमता से जुड़े सवालों पर अधिक जोर रहा।
चयन समिति ने आवेदकों से कम से कम 20 वर्ष का अनुभव मांगा था।
आवेदकों से सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने अपने कार्यकाल में 1,000 से 5,000 या उससे अधिक कर्मचारियों का नेतृत्व किया है या नहीं। राम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन और पर्वों पर लाखों की भीड़ को देखते हुए चयन प्रक्रिया में भीड़ प्रबंधन को महत्वपूर्ण मानदंड बनाया गया है। इंटरव्यू में पैनल के सदस्यों ने आवेदकों से पूछा कि उन्होंने अब तक कौन-कौन से बड़े आयोजनों का संचालन या प्रबंधन किया है, उन आयोजनों में कितने लोग शामिल हुए, आयोजन कितने दिनों तक चला, किस वर्ष आयोजित हुआ और उसमें उनकी भूमिका क्या रही। सामाजिक और धार्मिक अनुभव से जुड़े कई प्रश्न भी किए गए।
समिति को अंतिम 18 आवेदकों में से तीन नामों का पैनल तैयार कर दो सितंबर से पहले ट्रस्ट को सौंपना है। इसके बाद बैठक में नाम घोषित किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार सीईओ की नियुक्ति में संघ के पदाधिकारियो की भी पंसद व राय जानी जाएगी। यह बात भी सामने आ रही है कि संघ की पृष्ठभूमि से जुड़ा कोई सेवानिवृत्त अधिकारी भी सीईओ हो सकता है।
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