कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में अपना रुख बनाए रखेगा। पत्रकारों से बात करते हुए खरगे ने कहा, ‘कल कुछ नहीं होगा। हम वही करते रहेंगे जो अब तक करते आ रहे हैं।’
एफसीआरए को लेकर क्या कहा?
एफसीआरए बिल को संयुक्त संसदीय समिति ( जेपीसी) के पास भेजने की मांग पर खरगे ने कहा, ‘इसे भेजा जाना चाहिए।’ एफसीआरए देश में व्यक्तियों, संघों और संगठनों की ओर से विदेशी योगदान लेने और उसके इस्तेमाल को रेगुलेट करता है। इसका मकसद यह पक्का करना है कि ऐसे योगदान का इस्तेमाल उसी मकसद के लिए हो, जिसके लिए वे मिले हैं।
फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 को 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और अभी संसद में इस पर विचार चल रहा है। संशोधित एफसीआरए नियम, 2026 को 22 जून को नोटिफाई किया गया था और ये लागू हैं। लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
प्रियंका गांधी ने क्या कहा?
इससे पहले दिन में, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शाह पर तीखा हमला किया। उन्होंने देश भर में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठी और पैलेट गन समेत बल के कथित इस्तेमाल के लिए सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
‘इसके लिए कौन जिम्मेदार है?’
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, ‘आपको क्या लगता है, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? जब हजारों छात्र इकट्ठा होते हैं और उनकी एक ही मांग होती है, तो आप उन पर लाठियां बरसाते हैं, पैलेट गन चलाते हैं और बिहार में तो आप उनके खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल करते हैं।’
यह बयान हाल ही में हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे टकराव के बीच आया है। इस मुद्दे की वजह से संसद में बार-बार कामकाज बाधित हुआ है; विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है और राहुल गांधी ने शाह से जवाब की मांग की है।







