अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने कह, ‘ईरान पर भरोसा करने वाला मैं आखिरी व्यक्ति हूं। उन्होंने लगातार मुझसे झूठ बोला है।’
एक अन्य बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी सुरक्षा को लेकर कहा कि वह सीक्रेट सर्विस और सेना के निर्देशों का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला पूरी तरह सीक्रेट सर्विस पर निर्भर करता है और वह वही करते हैं जो सीक्रेट सर्विस उनसे करने के लिए कहती है।
ट्रंप ने बताया कि सीक्रेट सर्विस ने उन्हें एक अलग उड़ान और अलग विमान से जाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि वह विमान भी उतना ही सुरक्षित था। लेकिन सीक्रेट सर्विस चाहती थी कि वह उसी विमान से यात्रा करें, इसलिए उन्होंने उनकी बात मान ली। ट्रंप ने कहा, मैं वही करता हूं जो वे कहते हैं। उन्होंने आगे कहा कि शायद वहां कोई खतरा था। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें बहुत सारी धमकियां मिलती रहती हैं।
तुर्किये में पिछले महीने नाटो सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान से गंभीर खतरे के चलते बेहद गोपनीय तरीके से वहां से निकाला गया था। ट्रंप को एयरफोर्स वन के पुराने विमान से एक खानपान सामग्री ले जाने वाले कंटेनर के जरिये निकालकर दूसरे सैन्य विमान तक पहुंचाया गया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह 8 जुलाई को पुराने एयरफोर्स वन से ब्रिटेन जाएंगे। पत्रकारों ने तुर्किये में ट्रंप को पुराने नीले रंग के 747 विमान में चढ़ते हुए भी देखा था। हालांकि, ट्रंप उस विमान में सवार नहीं हुए। उन्हें दूसरी तरफ से कंटेनर के जरिये निकालकर एक सी-32ए सैन्य विमान से गुप्त रूप से ब्रिटेन भेजा गया। गौरतलब है कि 747 विमान कतर के शाही परिवार ने अमेरिका को उपहार में दिया था।
अचानक बदला प्लान : ट्रंप एक माह पहले कतर के शाही परिवार से उपहार में दिए गए इस विमान से तुर्किये पहुंचे थे। उन्हें इसी विमान से ब्रिटेन जाना था लेकिन ऐन वक्त पर प्लान बदला गया और कंटेनर में बैठाकर सी-32ए सैन्य विमान तक पहुंचाया गया।
तीसरी बार चुनाव लड़ने के सवाल पर क्या कहा?
ट्रंप ने तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल को टालते हुए कहा कि वह चुनाव लड़ना पसंद करेंगे, लेकिन कानून इस मामले में बहुत सख्त है। ट्रंप ने कहा, हर कोई चाहता है कि मैं ऐसा करूं, लेकिन कानून बहुत सख्त है।






